बारां के युवा लोक गायक कुलदीप की मौत, सुसाइड नोट में छलका दर्द; आर्थिक तंगी और प्रताड़ना के आरोपों की जांच शुरू
राजस्थान के बारां जिले से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां 25 वर्षीय युवा लोक गायक कुलदीप महावर की कथित रूप से विषाक्त पदार्थ सेवन के बाद मौत हो गई। अपनी मधुर आवाज से धार्मिक और लोक संगीत कार्यक्रमों में पहचान बनाने वाले कुलदीप ने पीछे छोड़े सुसाइड नोट में आर्थिक संकट, कर्ज के दबाव और कुछ लोगों द्वारा प्रताड़ित किए जाने का उल्लेख किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सुसाइड नोट सहित सभी पहलुओं को गंभीरता से खंगाला जा रहा है।
लोक संगीत जगत में शोक, युवा कलाकार की असमय मौत
बारां शहर की लंका कॉलोनी निवासी कुलदीप महावर धार्मिक आयोजनों, जागरण और लोकगीत कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुतियों के लिए जाने जाते थे। परिजनों के अनुसार वह पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थे, हालांकि उन्होंने अपनी परेशानी किसी से खुलकर साझा नहीं की। विषाक्त पदार्थ सेवन के बाद उन्हें पहले बारां जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर कोटा रेफर किया गया। इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना से स्थानीय कला जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है।
सुसाइड नोट में आर्थिक संकट और प्रताड़ना का जिक्र
मामले में मिले सुसाइड नोट में कुलदीप ने लिखा कि कुछ लोगों द्वारा उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा था और उनके पास आर्थिक दायित्व पूरे करने के लिए पर्याप्त धन नहीं बचा था। नोट में उन्होंने कुछ व्यक्तियों के नाम लिखते हुए खुद को मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का उल्लेख किया। साथ ही परिवार के नाम भावुक संदेश लिखते हुए सभी से क्षमा मांगी और यह भी लिखा कि उनके परिजनों को किसी तरह की परेशानी न दी जाए। पुलिस इस नोट की सत्यता और उसमें किए गए आरोपों की जांच कर रही है।
दोस्त के घर बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में किया विषाक्त पदार्थ सेवन का जिक्र
परिजनों और परिचितों के अनुसार कुलदीप घटना वाले दिन अपने एक मित्र के घर पहुंचे थे, जहां उन्होंने तबीयत खराब होने की बात कही। कुछ देर बाद उनकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। उपचार के दौरान उन्होंने चिकित्सकों के सामने विषाक्त पदार्थ सेवन करने की बात कही थी। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए कोटा रेफर किया गया, लेकिन चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
परिजनों ने बताया कर्ज और मानसिक दबाव की बात
मृतक की मां ने बताया कि परिवार को बाद में पता चला कि कुलदीप पर लाखों रुपये का कर्ज था। उनका यह भी कहना है कि कुछ समय पहले उनके बेटे के संगीत उपकरण भी छीन लिए गए थे और वह लगातार फोन पर मिलने वाली धमकियों से परेशान था। परिवार का कहना है कि उन्हें उसकी मानसिक स्थिति का पूरा अंदाजा नहीं था। अब परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पुलिस सभी पहलुओं की कर रही जांच
बारां कोतवाली थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस का कहना है कि परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि किन परिस्थितियों में युवक ने यह कदम उठाया और क्या किसी प्रकार की प्रताड़ना या अन्य कारण इस घटना से जुड़े हैं। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।