दौसा में BSTC छात्रा के ‘चोरी कांड’ का 7 दिन बाद खुलासा, किराएदार युवती ने साथी संग रचा खेल
दौसा के लालसोट में 70 वर्षीय महिला के घर से करीब 20 लाख रुपए के सोने के गहने चोरी होने के मामले का पुलिस ने सात दिन में खुलासा किया है। पुलिस ने घर में किराए पर रहने वाली 22 वर्षीय BSTC छात्रा उमा मीना और उसके साथी कैलाश प्रसाद मीना को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, उमा ने अपने साथी के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों के कब्जे से चार सोने की चूड़ियां, एक चेन, दो अंगूठियां और दो झुमकियां बरामद की गई हैं।
70 वर्षीय महिला के घर से चोरी हुए थे गहने
मामला लालसोट के आजाद चौक इलाके का है। यहां 70 वर्षीय गुड्डी देवी जैन के घर से सोने के आभूषण चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी।गुड्डी देवी के अनुसार, वह 14 से 20 सितंबर के बीच जयपुर गई हुई थीं। वापस लौटने पर उन्होंने घर की अलमारी का लॉकर देखा।लॉकर में रखे सोने के आभूषण गायब मिले। इसके बाद उन्होंने 21 सितंबर को लालसोट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
लॉकर से चार चूड़ियां और अन्य गहने गायब
पुलिस के अनुसार, लॉकर में चार सोने की चूड़ियां, एक सोने की चेन, दो अंगूठियां और दो झुमकियां रखी हुई थीं।इन सभी आभूषणों की कीमत करीब 20 लाख रुपए बताई गई है। चोरी की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने घर और आसपास के क्षेत्र में जांच शुरू की।मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि पीड़ित महिला घर में अकेली रहती थीं।
किराएदार युवती पर पुलिस को हुआ शक
जांच के दौरान पुलिस ने घर में रहने वाले किराएदारों और आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई।पुलिस की जांच में किराए पर रहने वाली उमा मीना की भूमिका सामने आई। पुलिस के अनुसार, उमा ने अपने परिचित कैलाश प्रसाद मीना के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई।इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की।
उमा मीना है BSTC सेकंड ईयर की छात्रा
पुलिस के अनुसार, 22 वर्षीय उमा मीना रामगढ़ पचवारा थाना क्षेत्र के निजामपुरा गांव की रहने वाली है।वह लालसोट में किराए पर रहकर BSTC सेकंड ईयर की पढ़ाई कर रही थी। इसके साथ ही वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रही थी।पुलिस के मुताबिक, उमा की कैलाश मीना से पहले से पहचान थी।
कैलाश के कमरे से बरामद हुए चोरी के गहने
पुलिस ने जांच के दौरान कैलाश प्रसाद मीना के कमरे की तलाशी ली। यहां से चोरी किए गए सोने के आभूषण बरामद होने की बात सामने आई है।बरामद सामान में चार सोने की चूड़ियां, एक चेन, दो अंगूठियां और दो झुमकियां शामिल हैं।पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी की वारदात किस तरीके से अंजाम दी गई और इसमें दोनों की भूमिका क्या थी।
CCTV और तकनीकी जांच से खुला मामला
वृत्ताधिकारी एसएन यादव के सुपरविजन में थाना प्रभारी हरलाल मीना के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी।पुलिस ने CCTV मैपिंग, तकनीकी विश्लेषण, इंटेलिजेंस इनपुट और फील्ड वेरिफिकेशन के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।इन सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची और दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
अकेली रहती थीं गुड्डी देवी
पुलिस के अनुसार पीड़ित महिला गुड्डी देवी जैन के पति का निधन हो चुका है। उनकी बेटियां भी अपने ससुराल में रहती हैं।महिला के कोई बेटा नहीं है। ऐसे में घर में उनकी मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पुलिस ने जांच की।पुलिस अब चोरी की पूरी परिस्थितियों और आरोपियों की गतिविधियों की जांच कर रही है।
सात दिन में पुलिस ने किया खुलासा
21 सितंबर को चोरी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी थी।सात दिन के भीतर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी के गहने बरामद कर लिए। पुलिस अधिकारियों ने जांच टीम की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया है।कार्रवाई में थाना प्रभारी हरलाल मीना, एसआई अमरसिंह, हेड कांस्टेबल लक्ष्मीकांत शर्मा, कांस्टेबल लहरीलाल, प्रवीण कुमार और कंचन सहित टीम के अन्य सदस्यों की भूमिका रही।
पुलिस टीम को किया जाएगा पुरस्कृत
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सीपा के अनुसार, पुलिस टीम ने तकनीकी और मैदानी जांच के जरिए मामले का खुलासा किया।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि टीम के सदस्यों को बेहतर कार्रवाई के लिए पुरस्कृत किया जाएगा।फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस चोरी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।