दुर्ग में 7 साल के बच्चे के साथ क्रूरता: निर्वस्त्र कर डांस कराया, फिर बेरहमी से की पिटाई
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां 7 वर्षीय बच्चे के साथ कुछ नाबालिगों ने अमानवीय व्यवहार किया। आरोप है कि बच्चे को निर्वस्त्र कर उससे डांस करवाया गया, आपत्तिजनक हरकतें कराई गईं और बाद में उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई नाबालिगों को हिरासत में लिया है।
वायरल वीडियो से खुला मामला
मामले का खुलासा तब हुआ जब घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में कुछ नाबालिग बच्चे एक छोटे बच्चे को घेरकर उसके साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में बच्चे को डराया-धमकाया जाता है और उसके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। पुलिस के अनुसार यह वीडियो करीब एक सप्ताह पुराना बताया जा रहा है।
खेल के दौरान शुरू हुआ विवाद
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सभी बच्चे एक ही गांव के रहने वाले हैं और एक-दूसरे को पहले से जानते थे। बताया जा रहा है कि खेल-खेल में शुरू हुआ विवाद बाद में हिंसक रूप ले बैठा। आरोप है कि कुछ नाबालिग बच्चों ने पीड़ित को सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके कपड़े उतरवाए और उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद उसे पीटा गया और पूरी घटना का वीडियो भी बनाया गया।
छोड़ने की गुहार लगाता रहा बच्चा
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार घटना के दौरान बच्चा लगातार रोता रहा और आरोपियों से उसे छोड़ देने की मिन्नतें करता रहा। बावजूद इसके उसकी पिटाई जारी रही। वीडियो में भी बच्चा भयभीत दिखाई देता है। घटना ने बाल सुरक्षा और नाबालिगों के बढ़ते हिंसक व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस ने 6 नाबालिगों को लिया हिरासत में
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 नाबालिगों को पकड़ लिया। सभी को किशोर न्याय अधिनियम के तहत बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और वीडियो बनाने तथा उसे वायरल करने वालों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
बाल आयोग करेगा काउंसिलिंग
मामले की सूचना बाल आयोग को भी दे दी गई है। अधिकारियों के अनुसार पीड़ित बच्चे और आरोपित नाबालिगों की काउंसिलिंग कराई जाएगी। पुलिस ने बताया कि पीड़ित बच्चे को सामान्य चोटें आई हैं, लेकिन घटना का मानसिक प्रभाव भी गंभीर हो सकता है। इसलिए विशेषज्ञों की मदद से आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
समाज के लिए चेतावनी बना मामला
यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं बल्कि बच्चों के बीच बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति और सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल की भी गंभीर चेतावनी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अभिभावकों और शिक्षकों को बच्चों की गतिविधियों पर अधिक ध्यान देने और उन्हें संवेदनशीलता तथा सामाजिक व्यवहार की शिक्षा देने की आवश्यकता है।