भरतपुर में नाबालिग की मौत के बाद विवाद गहराया, परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
भरतपुर के मथुरा गेट थाना क्षेत्र में एक नाबालिग की मौत के बाद पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है। परिजनों का आरोप है कि एक पुराने विवाद में पुलिस ने पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करते हुए उनके परिवार के सदस्यों को जेल भेज दिया, जिससे बच्ची गहरे मानसिक तनाव में चली गई। जमानत पर रिहा होने के कुछ समय बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में जांच की प्रक्रिया जारी होने की बात कही है।
पुराने विवाद के बाद बढ़ा मामला
जानकारी के अनुसार, सूरजमल नगर इलाके में कुछ महीने पहले गाय को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था। इस घटना के बाद दोनों पक्षों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। परिजनों का आरोप है कि मामले में पुलिस ने केवल उनके परिवार के लोगों के खिलाफ कार्रवाई की, जबकि दूसरे पक्ष पर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। उनका कहना है कि इसी कार्रवाई के तहत परिवार के कई सदस्यों के साथ नाबालिग को भी न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना पड़ा, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी।
जमानत के बाद बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में हुई मौत
परिवार के अनुसार, नाबालिग हाल ही में जमानत पर घर लौटी थी। घर आने के कुछ ही समय बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उसे तुरंत भरतपुर के आरबीएम अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। चिकित्सकीय रिपोर्ट को भी जांच का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।
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परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
मृतका के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें बयान दर्ज कराने के बहाने बुलाया और बाद में कानूनी कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया। उनका कहना है कि यदि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जाती और दोनों पक्षों के साथ समान व्यवहार होता तो परिवार को इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। परिजनों ने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने के साथ-साथ दूसरे पक्ष की भूमिका की भी जांच करने की मांग की है।
जांच के बाद ही सामने आएगी पूरी तस्वीर
घटना के बाद यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस और प्रशासन के सामने अब परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी जांच चुनौती बन गई है। मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, संबंधित दस्तावेज, दोनों पक्षों के बयान और पुलिस कार्रवाई के रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नाबालिग की मौत किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल जांच जारी है और आधिकारिक निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
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