कोटा में राहुल गांधी दौरे से पहले कांग्रेस की ‘एकजुट तस्वीर’
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे से पहले कोटा में राजस्थान कांग्रेस की एकजुटता की झलक देखने को मिली। लंबे समय से गुटबाजी को लेकर चर्चा में रही पार्टी के बड़े नेता एक ही मंच पर सहज और मुस्कुराते हुए नजर आए। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट की मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में खासा ध्यान खींचा है। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और विधायक भी मौजूद रहे।
एयरपोर्ट लाउंज में दिखी सियासी नरमी
कोटा एयरपोर्ट के वीआईपी लाउंज में नेताओं के इंतजार के दौरान माहौल सामान्य राजनीतिक औपचारिकता से अलग दिखाई दिया। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच बातचीत, हंसी-मजाक और ठहाकों ने सभी का ध्यान खींचा। यह दृश्य इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से सियासी मतभेद और गुटबाजी की चर्चाएं लगातार सुर्खियों में रही हैं। कार्यकर्ताओं के बीच इस मुलाकात को सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
बड़े नेताओं की मौजूदगी से बढ़ी हलचल
इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कई वरिष्ठ नेता पहले से कोटा में मौजूद थे। इसके अलावा प्रदेशभर से करीब दो दर्जन विधायक भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इतनी बड़ी संख्या में नेताओं की उपस्थिति ने संगठनात्मक सक्रियता को दर्शाया। पार्टी के भीतर चल रही गतिविधियों और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर चर्चाओं का बाजार भी गर्म रहा।
अलग खेमों के नेता भी आए साथ
कोटा में हुए इस कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री शांति धारीवाल और कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल भी एक साथ विभिन्न बैठकों और कार्यक्रमों में नजर आए। आमतौर पर अलग-अलग राजनीतिक खेमों में माने जाने वाले नेताओं का एक साथ दिखना पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए उत्साह बढ़ाने वाला रहा। इससे यह संदेश भी गया कि फिलहाल पार्टी एकजुटता दिखाने के मूड में है, खासकर राहुल गांधी के दौरे को देखते हुए।
राजनीतिक संदेश और आगे की तस्वीर
हालांकि इस सामूहिक एकजुटता ने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा जरूर भरी है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह एकता कितनी स्थायी होगी, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। विशेषज्ञों के अनुसार चुनावी रणनीति और आंतरिक समीकरणों के चलते यह तालमेल अस्थायी भी हो सकता है। फिर भी राहुल गांधी के दौरे से पहले यह तस्वीर कांग्रेस के लिए एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखी जा रही है।