जंतर-मंतर पर CJP का धरना 17वें दिन में, सोनम वांगचुक का अनशन जारी; स्वास्थ्य पर दिखने लगा असर
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का धरना सोमवार को 17वें दिन में प्रवेश कर गया। आंदोलन के समर्थन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल भी नौवें दिन जारी रही। आयोजकों के अनुसार लगातार उपवास के कारण उनके स्वास्थ्य पर असर दिखाई देने लगा है। मेडिकल टीम नियमित रूप से उनकी निगरानी कर रही है, जबकि आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
नौ दिन के अनशन से स्वास्थ्य पर पड़ा प्रभाव
सोमवार सुबह जारी मेडिकल अपडेट के अनुसार सोनम वांगचुक का वजन अब तक लगभग 6.9 किलोग्राम कम हो चुका है। चिकित्सकों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है और नियमित अंतराल पर आवश्यक परीक्षण किए जा रहे हैं। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि भूख हड़ताल का उद्देश्य सरकार और समाज का ध्यान उनकी मांगों की ओर आकर्षित करना है। उन्होंने बताया कि फिलहाल वांगचुक ने अपना अनशन जारी रखने का निर्णय लिया है और डॉक्टरों की सलाह के अनुरूप स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मेडिकल टीम की निगरानी में जारी है स्वास्थ्य परीक्षण
ताजा स्वास्थ्य रिपोर्ट के मुताबिक सोनम वांगचुक का ब्लड प्रेशर 107/67 दर्ज किया गया, जबकि ब्लड ग्लूकोज का स्तर 72 mg/dL पाया गया। मेडिकल टीम का कहना है कि अनशन के दौरान स्वास्थ्य संबंधी सभी महत्वपूर्ण मानकों की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके। डॉक्टर नियमित परीक्षण के आधार पर उनकी शारीरिक स्थिति का आकलन कर रहे हैं और आवश्यक सलाह दे रहे हैं।
अभिजीत दीपके महाराष्ट्र रवाना, आंदोलन रहेगा जारी
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके सोमवार सुबह अपने गृह नगर छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र) के लिए रवाना हो गए। रवाना होने से पहले उन्होंने धरना स्थल पर मौजूद आंदोलनकारियों के साथ चर्चा की और आयोजन की जिम्मेदारी अन्य सहयोगियों को सौंपी। आंदोलन के आयोजकों का कहना है कि दीपके की अस्थायी अनुपस्थिति के बावजूद धरना और भूख हड़ताल पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी तथा सभी गतिविधियों का संचालन पहले की तरह होता रहेगा।
दिन चढ़ने के साथ बढ़ने लगती है समर्थकों की संख्या
सोमवार सुबह जंतर-मंतर पर लोगों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन आयोजकों का कहना है कि यह रोजाना की सामान्य स्थिति है। उनके अनुसार दिन बढ़ने के साथ छात्र, सामाजिक संगठन, विभिन्न वर्गों के नागरिक और समर्थक बड़ी संख्या में धरना स्थल पर पहुंचते हैं। आंदोलनकारियों ने दावा किया कि उनका प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन और अनशन जारी रहेगा।