CJP Protest: छात्रों के प्रदर्शन में घुसे असामाजिक तत्व? चिराग पासवान ने लगाया बड़ा आरोप
दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि छात्रों की आड़ में कुछ असामाजिक तत्व प्रदर्शन में शामिल हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग आंदोलन को हिंसक दिशा देने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को सुनने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने के लिए पूरी तरह तैयार है।
सरकार बातचीत के लिए तैयार: चिराग पासवान
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि सरकार हमेशा संवाद के रास्ते को प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है और जल्द ही ऐसा मंच तैयार किया जाएगा, जहां सभी पक्ष अपनी बात रख सकेंगे। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रखें।
प्रदर्शन में हिंसा को लेकर जताई चिंता
चिराग पासवान ने प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर कथित हमले को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना सभी का अधिकार है, लेकिन हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में पुलिसकर्मियों पर पथराव और हंगामे की घटनाएं दिखाई दे रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से छात्रों के वास्तविक मुद्दे पीछे छूट जाते हैं।
छात्रों की मांगों पर सरकार का रुख
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छात्रों की समस्याओं को राजनीतिक रंग देने के बजाय समाधान पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल इस मुद्दे को अपने हितों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। चिराग पासवान ने कहा कि यदि आंदोलन को राजनीति से दूर रखा जाए तो छात्रों और सरकार के बीच बेहतर संवाद संभव है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा जरूरी है।
पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी
देशभर में छात्र पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध जता रहे हैं। छात्रों का कहना है कि बार-बार होने वाली गड़बड़ियों से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष भी सरकार पर लगातार हमला कर रहा है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन किए हैं और सरकार से जवाब मांगा है।
संसद में भी जारी रहा हंगामा
छात्रों के मुद्दे को लेकर संसद के मॉनसून सत्र में भी विपक्ष ने सरकार को घेरा। विपक्ष ने परीक्षा व्यवस्था, युवाओं की समस्याओं और पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। वहीं सरकार का कहना है कि वह हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन हिंसा और अराजकता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
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