#पॉलिटिक्स

CJP संसद मार्च लाठीचार्ज विवाद, SCBA अध्यक्ष ने PM से मांगी जांच

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘चलो संसद’ प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया। विकास सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में समयबद्ध जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई है।

पुलिस कार्रवाई को लेकर SCBA अध्यक्ष ने जताई नाराजगी

SCBA अध्यक्ष विकास सिंह ने अपने पत्र में कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों, वकीलों, डॉक्टरों और पत्रकारों के साथ पुलिस का व्यवहार चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को नियंत्रित करने के नाम पर जरूरत से अधिक बल प्रयोग किया गया। सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है और इसे दबाने के लिए बल प्रयोग करना उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाने की मांग की है।

सुप्रीम कोर्ट जज की निगरानी में जांच की मांग

विकास सिंह ने केंद्र सरकार से मांग की है कि इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी वर्तमान न्यायाधीश की अध्यक्षता में कराई जाए। उन्होंने कहा कि जांच एक निश्चित समय सीमा के भीतर पूरी होनी चाहिए ताकि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की सच्चाई सामने आ सके। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस बल के इस्तेमाल, अधिकारियों की भूमिका और प्रदर्शनकारियों के साथ हुए कथित व्यवहार की भी समीक्षा करने की मांग की है। उन्होंने दिल्ली पुलिस आयुक्त के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग उठाई है।

इसे भी पढ़ें – सांवलिया सेठ के दरबार में श्रद्धा का रिकॉर्ड, 38 करोड़ से ज्यादा चढ़ावा

वकीलों और पत्रकारों के साथ व्यवहार पर उठाए सवाल

SCBA अध्यक्ष ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कई वकीलों और पत्रकारों को भी पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा। उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े के बेटे से जुड़े कथित मामले का उल्लेख करते हुए चिंता जताई। इसके अलावा उन्होंने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि कुछ महिलाओं, नाबालिगों और घायलों की मदद कर रहे लोगों पर भी बल प्रयोग किया गया। उन्होंने पत्रकारों को कवरेज से रोकने के आरोपों की जांच की भी मांग की।

BNSS और पुलिस नियमों के उल्लंघन का आरोप

विकास सिंह ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 के प्रावधानों के अनुसार भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग अंतिम विकल्प होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस ने इन नियमों का पालन नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों पर गलत तरीके से लाठीचार्ज किया गया और कुछ पुलिसकर्मियों ने निर्धारित पहचान नियमों का पालन नहीं किया। उन्होंने पुलिस कार्रवाई की कानूनी समीक्षा कराने की मांग की है।

पेपर लीक और छात्रों के मुद्दे पर भी उठाई आवाज

SCBA अध्यक्ष विकास सिंह ने प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में परीक्षा व्यवस्था और पेपर लीक जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है। युवा कई वर्षों तक मेहनत और आर्थिक संसाधन लगाकर तैयारी करते हैं, लेकिन परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं से उनका विश्वास कमजोर होता है। उन्होंने सरकार से परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत बताई।

लाठीचार्ज विवाद पर बढ़ी सियासी और कानूनी हलचल

CJP के संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई अब राजनीतिक और कानूनी बहस का विषय बन गई है। SCBA अध्यक्ष की ओर से न्यायिक जांच की मांग के बाद इस मामले पर सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार है। प्रदर्शनकारी जहां पुलिस कार्रवाई को अनुचित बता रहे हैं, वहीं प्रशासन की ओर से पूरे घटनाक्रम को लेकर अपना पक्ष रखा जा सकता है। आने वाले दिनों में यह मामला संसद और न्यायिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन सकता है।

https://www.facebook.com/StvNews2006

author avatar
Stv News Rajasthan

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *