CJP का नया दावा: पुलिस कार्रवाई के सबूत जुटाने के लिए लॉन्च की वेबसाइट, वीडियो-फोटो मांगे
20 जुलाई को हुए ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद विवाद और गहरा गया है। CJP ने अब पुलिस कार्रवाई के खिलाफ सबूत जुटाने के लिए एक वेबसाइट लॉन्च करने का दावा किया है। संगठन का कहना है कि इस पोर्टल के जरिए घटना से जुड़े वीडियो और फोटो एकत्र किए जाएंगे, जिनके आधार पर कथित रूप से दोषी पुलिसकर्मियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सबूत जुटाने के लिए शुरू किया डिजिटल पोर्टल
CJP ने जंतर-मंतर से एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च करने की जानकारी दी है। संगठन ने प्रदर्शन में मौजूद लोगों और आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके पास 20 जुलाई की घटना से जुड़े वीडियो, फोटो या अन्य डिजिटल सबूत हैं, तो उन्हें वेबसाइट पर अपलोड करें। संगठन का दावा है कि इन सामग्रियों का उपयोग घटनाक्रम की जांच और कानूनी प्रक्रिया में किया जाएगा।
पुलिसकर्मियों की पहचान का दावा
संगठन का कहना है कि एकत्र किए गए फोटो और वीडियो की मदद से उन पुलिसकर्मियों की पहचान की जाएगी, जिन पर प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार या बल प्रयोग के आरोप हैं। CJP का दावा है कि पहचान पूरी होने के बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
अदालत जाने की भी कही बात
CJP ने कहा है कि यदि आवश्यक हुआ तो वह उपलब्ध सबूतों के आधार पर अदालत का रुख करेगा। संगठन का कहना है कि वह कथित तौर पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया अपनाएगा और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेगा। संगठन ने लोगों से अपील की है कि केवल वास्तविक और बिना छेड़छाड़ वाले फोटो एवं वीडियो ही साझा करें।
पुलिस पहले ही दर्ज कर चुकी है कई मामले
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस पहले ही 20 जुलाई की घटना को लेकर कई एफआईआर दर्ज कर चुकी है और मामले की जांच जारी होने की बात कह चुकी है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी, वीडियो फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है तथा कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में अब दोनों पक्ष अपने-अपने दावों के समर्थन में सबूत जुटाने की प्रक्रिया में लगे हुए हैं।