चीन में बारिश बनी महाआफत: बाढ़-भूस्खलन से 20 की मौत, 331 घायल; शी चिनफिंग ने दिए राहत अभियान तेज करने के निर्देश
चीन में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कई प्रांतों में भारी तबाही मचा दी है। बाढ़, भूस्खलन, तेज तूफान और टॉर्नेडो जैसी घटनाओं में अब तक कम से कम 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 331 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।
गांसू में भूस्खलन ने मचाई तबाही
उत्तर-पश्चिम चीन के गांसू प्रांत में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन ने बड़ा नुकसान पहुंचाया। सरकारी मीडिया के मुताबिक, मलबे में 33 लोग दब गए थे। राहत एवं बचाव दल ने अब तक 21 लोगों को बाहर निकाला, लेकिन इनमें से पांच लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई। बाकी लापता लोगों की तलाश के लिए अभियान लगातार जारी है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में अतिरिक्त बचाव दल और मशीनरी तैनात कर दी है ताकि जल्द से जल्द लोगों तक मदद पहुंचाई जा सके।
हुबेई में टॉर्नेडो और तेज हवाओं ने ली 11 लोगों की जान
चीन के हुबेई प्रांत में सोमवार रात आए टॉर्नेडो, तेज आंधी और भारी बारिश ने व्यापक तबाही मचाई। इस आपदा में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 331 लोग घायल बताए गए हैं। एक व्यक्ति अब भी लापता है। खराब मौसम के कारण 22 इमारतें पूरी तरह ध्वस्त हो गईं, जबकि करीब 4,855 भवनों को नुकसान पहुंचा। प्रशासन ने 400 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है और प्रभावित इलाकों में राहत कार्य जारी है।
गुआंग्शी में रिकॉर्ड बारिश से बाढ़, हजारों लोग प्रभावित
दक्षिण चीन के गुआंग्शी झुआंग स्वायत्त क्षेत्र की राजधानी नानिंग में रिकॉर्ड बारिश के बाद आई बाढ़ ने भी भारी नुकसान पहुंचाया। इस घटना में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य अब भी लापता हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा से 93,300 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं, संभावित खतरे को देखते हुए 54,460 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। प्रशासन लगातार राहत शिविरों और आवश्यक सेवाओं की व्यवस्था में जुटा हुआ है।
राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने दिए सख्त निर्देश
बढ़ती तबाही के बीच चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से निगरानी व्यवस्था मजबूत करने, समय पर चेतावनी जारी करने और आपातकालीन तैयारियों को और प्रभावी बनाने को कहा है। राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि लोगों की जान बचाना और उनकी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की पहली जिम्मेदारी है। इसके साथ ही घायलों के बेहतर इलाज और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।