AAP विधायक चैतर वसावा को 7 साल की सजा, वन विभाग से जुड़े 2023 केस में कोर्ट का बड़ा फैसला
गुजरात की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक चैतर वसावा, उनकी पत्नी सहित कुल 8 लोगों को सेशंस कोर्ट ने वन विभाग के अधिकारियों पर हमले और अवैध गतिविधियों से जुड़े 2023 के मामले में 7 साल की जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी दोषियों पर जुर्माना भी लगाया है।
कोर्ट का फैसला और सजा
राजपीपला सेशंस कोर्ट ने एडिशनल सेशंस जज ए.वी. हिरपारा की अदालत में सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। अदालत ने चैतर वसावा, उनकी पत्नी शकुंतला वसावा समेत सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 7 साल की सजा और 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने आदेश दिया है कि सभी दोषियों को वडोदरा सेंट्रल जेल भेजा जाएगा।
क्या था मामला
यह मामला नवंबर 2023 में दर्ज शिकायत से जुड़ा है। आरोपों के अनुसार, चैतर वसावा और अन्य लोगों पर वन विभाग के कर्मचारियों को बुलाकर उनके साथ मारपीट करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और धमकी देने के आरोप लगे थे। पुलिस ने इस मामले में कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया था, जिनमें मारपीट, धमकी, सरकारी काम में बाधा और आपराधिक साजिश शामिल हैं।
जांच और आरोपों की स्थिति
पुलिस जांच के अनुसार, घटना के बाद लंबे समय तक फरार रहने के बाद चैतर वसावा ने आत्मसमर्पण किया था। मामले की सुनवाई कई महीनों तक चली, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें दोषी मानते हुए सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष का कहना था कि आरोपियों ने वन विभाग के कर्मचारियों के काम में हस्तक्षेप किया और हिंसा का सहारा लिया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस फैसले के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इसे राजनीतिक साजिश बताया है। पार्टी का कहना है कि चैतर वसावा को आदिवासी मुद्दों को उठाने की वजह से निशाना बनाया गया है। वहीं, आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।
अपील की तैयारी
सजा के बाद चैतर वसावा ने कहा है कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है और वे इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील करेंगे। फिलहाल मामले ने गुजरात की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।