बूंदी में स्मार्ट मीटर के विरोध पर गरमाई सियासत, विधायक अशोक चांदना समेत दो दर्जन कार्यकर्ता हिरासत में
राजस्थान के बूंदी जिले में स्मार्ट मीटर लगाने के विरोध को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन उस समय उग्र हो गया, जब कार्यकर्ताओं ने विधायक अशोक चांदना के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट की ओर मार्च किया। बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश के बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और बाद में विधायक समेत करीब दो दर्जन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर छोड़ दिया। घटना के बाद यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया।
कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान बढ़ा तनाव
हिण्डोली विधानसभा क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आजाद पार्क से रैली निकाली। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े, लेकिन अहिंसा सर्कल पर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत दोहरी बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और सरकार तथा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। हालात बिगड़ते देख पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश, पुलिस ने किया वाटर कैनन का इस्तेमाल
प्रशासन और विद्युत विभाग के अधिकारियों ने प्रदर्शन समाप्त कराने के लिए विधायक अशोक चांदना से बातचीत की, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास किया। पुलिस ने पहले उन्हें रोकने की कोशिश की और हालात नहीं संभलने पर तीन बार वाटर कैनन से पानी की बौछार की। इसके बाद हल्का बल प्रयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाया गया, जिससे मौके पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
विधायक समेत करीब दो दर्जन कार्यकर्ता हिरासत में
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने विधायक अशोक चांदना सहित करीब दो दर्जन कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। बाद में सभी को हाईवे क्षेत्र में छोड़ दिया गया। इस दौरान चांदना ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किया। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।
कांग्रेस ने लगाया वादाखिलाफी का आरोप
सभा को संबोधित करते हुए विधायक अशोक चांदना ने आरोप लगाया कि पहले प्रशासन ने लिखित आश्वासन दिया था कि हिण्डोली विधानसभा क्षेत्र में उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जाएंगे। इसके बावजूद बिजली निगम ने स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य शुरू कर दिया। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र के लोगों में नाराजगी है और प्रशासन ने अपने वादे से पीछे हटकर जनता का विश्वास तोड़ा है।
स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली पर भी उठाए सवाल
विधायक चांदना ने दावा किया कि लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों में तकनीकी खामियां हैं और उपभोक्ताओं को अपेक्षा से अधिक बिजली बिल मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने स्मार्ट मीटर लगाने का निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर विधानसभा का घेराव भी किया जाएगा।