UNSC की अस्थायी सदस्यता के लिए भारत ने शुरू किया अभियान, जयशंकर ने पेश किया ‘SHANTI’ विजन
भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में 2028-29 के कार्यकाल के लिए अस्थायी सदस्यता हासिल करने की दिशा में अपना अभियान शुरू कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत का ‘SHANTI’ विजन प्रस्तुत करते हुए वैश्विक शांति, बहुपक्षवाद और ग्लोबल साउथ के हितों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के बीच सहयोग और नियम-आधारित व्यवस्था पहले से अधिक आवश्यक है।
‘SHANTI’ विजन के जरिए भारत ने रखा अपना एजेंडा
अभियान की शुरुआत के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ‘SHANTI’ विजन पेश किया। इसका पूरा अर्थ “Securing Holistic Advancement through Norms, Trust and Integrity” है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियमों का सम्मान, आपसी विश्वास और ईमानदारी के आधार पर ही दुनिया में स्थायी शांति और समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सकता है। भारत का उद्देश्य ऐसे वैश्विक वातावरण को मजबूत करना है, जहां संवाद और सहयोग के जरिए चुनौतियों का समाधान निकले।
शांति अभियानों में भारत की अहम भूमिका
जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में भारत के लंबे योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भारत अब तक लगभग 3 लाख सैनिकों और कर्मियों को 50 शांति मिशनों में भेज चुका है। वर्तमान में 4,300 से अधिक भारतीय सैनिक संयुक्त राष्ट्र के 10 सक्रिय शांति मिशनों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत भविष्य में भी आधुनिक तकनीक, बेहतर संसाधनों और महिला शांति सैनिकों की अधिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
ग्लोबल साउथ और विकास सहयोग पर जोर
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत केवल सुरक्षा और शांति तक सीमित नहीं है, बल्कि विकास सहयोग के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत इस समय 79 देशों में विभिन्न विकास परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है। साथ ही भारत लगातार ग्लोबल साउथ के देशों की चिंताओं और हितों को वैश्विक मंचों पर मजबूती से उठाता रहा है। उनका कहना था कि विवादों का समाधान हमेशा बातचीत और कूटनीतिक माध्यमों से होना चाहिए।
कैसे चुने जाते हैं UNSC के अस्थायी सदस्य?
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं। इनमें 5 स्थायी सदस्य (अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन) तथा 10 अस्थायी सदस्य शामिल होते हैं। अस्थायी सदस्यों का कार्यकाल दो वर्ष का होता है। इन सीटों के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा के 193 सदस्य देश मतदान करते हैं और किसी भी उम्मीदवार को चुने जाने के लिए दो-तिहाई बहुमत हासिल करना आवश्यक होता है।
आठ बार UNSC का सदस्य रह चुका है भारत
भारत इससे पहले 1950-51, 1967-68, 1972-73, 1977-78, 1984-85, 1991-92, 2011-12 और 2021-22 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य रह चुका है। अब भारत 2028-29 के कार्यकाल के लिए एक बार फिर वैश्विक समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है। भारत का मानना है कि संयुक्त राष्ट्र में उसका अनुभव और वैश्विक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका उसे इस जिम्मेदारी के लिए मजबूत दावेदार बनाती है।