EO-RO भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ से नकल का मामला, फरार महिला अभ्यर्थी गिरफ्तार
राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने EO-RO भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए कथित रूप से नकल करने के मामले में फरार चल रही एक महिला अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार आरोपी ने नकल कराने वाले गिरोह से लाखों रुपये में सौदा किया था। मामले में पूछताछ जारी है और अब तक इस प्रकरण में कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
फरारी के बाद नागौर से गिरफ्तारी
एसओजी के अनुसार नागौर जिले के खजवाना गांव निवासी महिला अभ्यर्थी लंबे समय से फरार थी। जांच से बचने के लिए वह नागौर और जोधपुर में रिश्तेदारों व परिचितों के यहां ठिकाने बदलती रही। उसकी गिरफ्तारी पर ₹5,000 का इनाम घोषित किया गया था। नागौर पुलिस की विशेष टीम ने उसे हिरासत में लेने के बाद एसओजी को सौंप दिया, जहां विधिवत गिरफ्तारी की गई। अब एजेंसी उससे पूरे नेटवर्क और अन्य संदिग्धों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
ब्लूटूथ डिवाइस से परीक्षा देने का आरोप
एसओजी की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महिला ने वर्ष 2023 में आयोजित EO-RO भर्ती परीक्षा के दौरान कथित तौर पर ब्लूटूथ डिवाइस का इस्तेमाल कर नकल की थी। जांच एजेंसी का दावा है कि इस काम में कालेर गिरोह के सदस्यों की मदद ली गई। अधिकारियों के मुताबिक नकल कराने के लिए लगभग ₹7 लाख में सौदा हुआ था और शर्त यह थी कि सरकारी नौकरी मिलने के बाद पूरी राशि का भुगतान किया जाएगा। हालांकि, भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी सामने आने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी।
2020 से कर रही थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
पड़ताल में यह भी सामने आया है कि आरोपी वर्ष 2020 से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। एसओजी अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसने किन-किन परीक्षाओं में हिस्सा लिया और क्या अन्य मामलों में भी किसी संगठित गिरोह से उसका संपर्क था। जांच के दौरान उसके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
नकल गिरोह की जांच जारी, 33 आरोपी गिरफ्तार
एसओजी के अनुसार EO-RO भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक और ब्लूटूथ के जरिए नकल कराने वाले संगठित गिरोह की जांच लगातार जारी है। एजेंसी का कहना है कि गिरोह ने परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों तक अनुचित तरीके से उत्तर पहुंचाने की व्यवस्था की थी। इस मामले में अब तक 33 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क, उसकी कार्यप्रणाली और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।
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