भाजपा का ‘रिटर्न गिफ्ट’: चुनावी मैदान में उतरे नेताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारियां
हरियाणा में भाजपा सरकार ने विभिन्न बोर्डों, निगमों और संस्थाओं में नई नियुक्तियां कर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। इन नियुक्तियों में ऐसे नेताओं को प्रमुखता मिली है जिन्होंने चुनावी और संगठनात्मक स्तर पर पार्टी के फैसलों को स्वीकार करते हुए सक्रिय भूमिका निभाई थी। विधानसभा चुनाव में चुनौतीपूर्ण सीटों पर चुनाव लड़ने या पार्टी हित में अपने राजनीतिक दावों का त्याग करने वाले नेताओं को अब महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विनेश फोगाट के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले योगेश बैरागी को मिली अहम जिम्मेदारी
जुलाना विधानसभा सीट पर कांग्रेस विधायक और ओलंपियन पहलवान विनेश फोगाट के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले कैप्टन योगेश बैरागी को समाज कल्याण बोर्ड का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। चुनाव में हार के बावजूद उन्होंने पार्टी के निर्देशों का पालन करते हुए पूरी मजबूती से मुकाबला किया था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने इस नियुक्ति के जरिए यह संकेत दिया है कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पार्टी के लिए काम करने वाले नेताओं को संगठन और सरकार में उचित स्थान दिया जाएगा।
गोपाल कांडा के समर्थन में नामांकन वापस लेने वाले नेता को मिला सम्मान
सिरसा के रोहतास जांगड़ा को श्रम कल्याण बोर्ड का चेयरमैन बनाया गया है। विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने पहले उन्हें उम्मीदवार बनाया था, लेकिन बाद में राजनीतिक समीकरण बदलने पर पार्टी ने गोपाल कांडा को समर्थन देने का निर्णय लिया। इसके बाद जांगड़ा ने बिना किसी सार्वजनिक विरोध के अपना नामांकन वापस ले लिया था। अब सरकार ने उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर उनके संगठनात्मक योगदान को मान्यता दी है।
संगठन में सक्रिय नेताओं को भी मिली जगह
पुंडरी से चुनाव लड़ चुके एडवोकेट वेदपाल को हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। पिछले चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने संगठन में सक्रिय भूमिका निभाई और पार्टी कार्यक्रमों में लगातार योगदान दिया। इसी प्रकार शाहबाद क्षेत्र से जुड़े सुभाष कलसाना को हरियाणा राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक की प्रबंधन समिति में सरकारी प्रतिनिधि बनाया गया है। सरकार की इन नियुक्तियों को संगठन के प्रति निष्ठा और निरंतर सक्रियता का सम्मान माना जा रहा है।
सामाजिक और सहकारी संस्थाओं में भी नई नियुक्तियां
सरकार ने विभिन्न सहकारी और सामाजिक संस्थाओं में भी नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। सोहना निवासी सुभाष बंसल को हरियाणा स्टेट कोऑपरेटिव हाउसिंग फेडरेशन की प्रबंधन समिति में सरकारी प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है। वहीं कुरुक्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता गुरनाम सैनी को हरियाणा भूमि सुधार एवं विकास निगम का चेयरमैन बनाया गया है। महिला मोर्चा में लंबे समय से सक्रिय रही सुनीता दांगी को हरियाणा महिला विकास निगम की चेयरपर्सन नियुक्त कर महिला नेतृत्व को भी प्रोत्साहन देने का प्रयास किया गया है।
कला और संस्कृति क्षेत्र के चेहरों को भी मिली जिम्मेदारी
सरकार ने कला और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े कई लोगों को भी अहम पद सौंपे हैं। भारत भूषण जुयाल को हरको बैंक का चेयरमैन बनाया गया है। इसके अलावा कलाकार और लोक संस्कृति से जुड़े चेहरों को हरियाणा कला परिषद में नई भूमिकाएं दी गई हैं। अमित सैनी को गुरुग्राम जोन, बिंदर दनोदा को हिसार जोन और गगन हरियाणवी को रोहतक जोन में अतिरिक्त निदेशक नियुक्त किया गया है। वहीं महेश जोशी को हरियाणा कला परिषद का उपाध्यक्ष बनाया गया है। इन नियुक्तियों को सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नियुक्तियों से क्या संकेत दे रही है भाजपा?
इन नियुक्तियों को केवल प्रशासनिक फैसला नहीं बल्कि राजनीतिक रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। भाजपा ने उन नेताओं को प्राथमिकता दी है जिन्होंने चुनावी हार, टिकट कटने या राजनीतिक समझौतों के बावजूद संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखी। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं को यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि संगठन और नेतृत्व के प्रति समर्पण का मूल्य समय आने पर जरूर मिलता है। आने वाले चुनावों और संगठनात्मक विस्तार के लिहाज से भी इन नियुक्तियों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।