बाड़मेर में दर्दनाक हादसा: खदान के पानी में डूबे दो चचेरे भाई, बचाने की कोशिश में गई दोनों की जान
राजस्थान के बाड़मेर जिले में पानी से भरी खदान में डूबने से दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई। दोनों युवक रास्ते में रुककर पानी पीने और फोटो खींचने के लिए गड्ढे के पास गए थे, तभी पैर फिसलने से हादसा हो गया। एक भाई को बचाने के प्रयास में दूसरा भी गहरे पानी में चला गया। पुलिस, सिविल डिफेंस और आर्मी की रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
फोटो खींचने और पानी पीने के दौरान हुआ हादसा
बाड़मेर जिले में शुक्रवार को एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। दरुड़ा और मारुड़ी गांव की सीमा के बीच कुम्हारों की बस्ती के पास पानी से भरी खदान में दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान किरताराम और देवराज के रूप में हुई है। दोनों आपस में चचेरे भाई थे और उनकी उम्र करीब 18 और 20 वर्ष बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि दोनों रास्ते से गुजरते समय पानी पीने और खदान के पास फोटो लेने के लिए रुके थे, इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ गया और वे गहरे पानी में गिर गए।
एक को बचाने की कोशिश में दूसरा भी डूबा
परिजनों के अनुसार, क्षेत्र में क्रेशर खनन के कारण कई बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बारिश का पानी भर जाता है। इन गड्ढों की गहराई काफी अधिक होने से हादसे का खतरा बना रहता है। बताया गया कि पानी पीते समय पहले एक युवक का पैर फिसला और वह गड्ढे में गिर गया। उसे बचाने के लिए दूसरे भाई ने हाथ बढ़ाया, लेकिन वह भी अपना संतुलन खो बैठा और पानी में समा गया। आसपास मौजूद लोगों ने घटना की सूचना तुरंत पुलिस और प्रशासन को दी।
आर्मी और सिविल डिफेंस टीम ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद सिविल डिफेंस और आर्मी की रेस्क्यू टीम को भी बुलाया गया। जवानों ने करीब एक घंटे तक अभियान चलाकर दोनों युवकों को पानी से बाहर निकाला। गंभीर हालत में दोनों को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में शोक और चिंता का माहौल दिखाई दिया।
परिवार में पसरा मातम, पुलिस ने शुरू की जांच
दोनों युवकों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शवों को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है। ग्रामीणों ने खनन के बाद बने गहरे गड्ढों को लेकर चिंता जताई है और ऐसे स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।