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बिहार के संतोष डॉन का क्राइम मॉडल बेनकाब, 11.5 करोड़ की संपत्ति का खुलासा

बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और STF की संयुक्त कार्रवाई में कुख्यात जमीन माफिया संतोष डॉन के संगठित अपराध नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि वह जमीन मालिकों को डराने के लिए पहले उनके साथ सुनियोजित सड़क हादसे करवाता था, फिर उसी खौफ के दम पर जमीन अपने नाम लिखवा लेता था। छापेमारी में 25 लाख से अधिक नकदी, लग्जरी वाहन और करोड़ों की संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस ने उसके चार गुर्गों को भी गिरफ्तार किया है।

‘एक्सीडेंट प्लान’ से जमीन कब्जाने का खतरनाक तरीका

जांच एजेंसियों के अनुसार संतोष डॉन का अपराध करने का तरीका बेहद संगठित और खतरनाक था। वह सीधे धमकी देने की बजाय पहले जमीन मालिकों के साथ सड़क हादसों की साजिश रचता था। उसके गुर्गे योजनाबद्ध तरीके से पीड़ितों की गाड़ियों से टक्कर करवाते और फिर उसी घटना को डर का हथियार बनाते थे। घायल और डरे हुए जमीन मालिकों पर दबाव बनाकर उनसे जबरन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए जाते थे। इस तरीके से वह कम कीमत में कीमती जमीनें अपने कब्जे में ले लेता था।

7 कट्ठा जमीन से बना करोड़ों का साम्राज्य

EOU की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि 2015 से पहले संतोष डॉन के पास सिर्फ 7 कट्ठा पैतृक जमीन थी। लेकिन अपराध की दुनिया में कदम रखने के बाद उसने रंगदारी, फर्जी दस्तावेज और जमीन कब्जाने जैसे तरीकों से 11.50 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति बना ली। पिछले 11 वर्षों में उसने एक संगठित गिरोह तैयार किया और धीरे-धीरे अपना अवैध साम्राज्य खड़ा किया, जिसमें नालंदा और पटना सहित कई जिलों में फैली संपत्तियां शामिल हैं।

परिवार और गुर्गों के नाम पर फैलाई संपत्ति

कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए संतोष डॉन ने अपनी काली कमाई को रिश्तेदारों और सहयोगियों के नाम पर दर्ज कराया था। जांच में सामने आया कि उसकी मां, पत्नी, सास, भाई और भाभी के नाम पर करोड़ों की संपत्तियां खरीदी गईं। इसके अलावा उसके गैंग के सदस्यों के नाम पर भी संपत्तियां रजिस्टर्ड पाई गईं। यह पूरा नेटवर्क इस बात का संकेत देता है कि अपराध की कमाई को छिपाने के लिए एक संगठित तंत्र काम कर रहा था।

छापेमारी में कैश, गाड़ियां और दस्तावेज जब्त

EOU और STF की संयुक्त छापेमारी में नालंदा, पटना और वैशाली में कई ठिकानों पर कार्रवाई की गई। इस दौरान 25 लाख रुपये से अधिक नकद, फॉर्च्यूनर, स्कॉर्पियो और महिंद्रा जीप जैसी लग्जरी गाड़ियां बरामद हुईं। साथ ही जमीन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और एग्रीमेंट पेपर्स भी मिले हैं। अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त करने की दिशा में बड़ा कदम है।

30 केसों का आरोपी, 4 गुर्गे गिरफ्तार

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार संतोष डॉन पर हत्या के प्रयास, लूट, रंगदारी और आर्म्स एक्ट समेत 30 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। छापेमारी के दौरान उसके गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियां अब उसके पूरे नेटवर्क, संपत्ति और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही हैं, ताकि इस संगठित अपराध सिंडिकेट को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

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