NEET विवाद पर बिहार कांग्रेस का धरना, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज
NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर बिहार में कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। पटना स्थित लोक भवन (राजभवन) के बाहर पार्टी नेताओं ने धरना देकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। कांग्रेस का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए, जबकि केंद्र सरकार इन आरोपों से इनकार करते हुए संसद में चर्चा के लिए तैयार होने की बात कह चुकी है।
पटना में लोक भवन के बाहर कांग्रेस का धरना
बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता पटना में लोक भवन (राजभवन) के बाहर धरने पर बैठे। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कहा कि पार्टी NEET परीक्षा से जुड़े कथित विवादों और छात्रों के मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दें। यह कांग्रेस का राजनीतिक पक्ष है।
पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं को किया एकजुट
कांग्रेस नेतृत्व ने राज्य के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों को धरना स्थल पर पहुंचने का निर्देश दिया। पार्टी का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा और जवाबदेही जरूरी है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि हालिया घटनाक्रम ने छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ा दी है।
दिल्ली की घटनाओं का भी किया उल्लेख
कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन और राहुल गांधी सहित अन्य विपक्षी नेताओं को पुलिस हिरासत में लिए जाने का भी जिक्र किया। पार्टी का आरोप है कि विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा व्यवस्था के तहत की गई थी।
प्रशांत किशोर का भी आया बयान
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने भी शिक्षा और युवाओं के मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार विवाद सामने आते हैं और युवाओं की समस्याओं का समाधान नहीं होता, तो विरोध प्रदर्शन स्वाभाविक हैं। उन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से जनता के बीच अपनी बात रखने की अपील की। यह उनका राजनीतिक बयान है।
सियासत तेज, संसद से राज्यों तक गूंजा मुद्दा
NEET और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवाद अब राष्ट्रीय राजनीतिक बहस का विषय बन चुके हैं। एक ओर विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि वह संसद में सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।