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भूटान में ग्लेशियल झील फटी, असम के धुबरी में बाढ़ का अलर्ट; निचले इलाकों में बढ़ी चिंता

गुवाहाटी। पड़ोसी देश भूटान में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) की घटना के बाद असम के निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। आशंका है कि झील से निकला पानी नदियों के जरिए नीचे की ओर पहुंचने पर जलस्तर अचानक बढ़ा सकता है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने असम के धुबरी और पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिलों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। असम सरकार ने संवेदनशील इलाकों में प्रशासन और आपदा राहत टीमों को अलर्ट पर रखा है। फिलहाल संकोश नदी का जलस्तर स्थिर होने की जानकारी दी गई है।

भूटान की शिंताफू झील फटने से बढ़ी चिंता

भूटान के गासा जिले में स्थित शिंताफू झील के फटने की खबर के बाद असम में प्रशासनिक सतर्कता बढ़ा दी गई है। इस तरह की घटना को ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) कहा जाता है। इसमें हिमनदों से बनी झील का पानी अचानक बाहर निकलता है और तेज बहाव के साथ निचले इलाकों की ओर बढ़ सकता है।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, झील से निकला पानी पहाड़ी क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति पैदा करते हुए मो छू नदी में पहुंचा। इसके बाद पानी का बहाव संकोश नदी की दिशा में बढ़ने की आशंका जताई गई है। संकोश नदी असम और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों से होकर गुजरती है।

धुबरी और अलीपुरद्वार के लिए CWC की एडवाइजरी

केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने गुरुवार को विशेष एडवाइजरी जारी कर असम के धुबरी और पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिलों में जलस्तर अचानक बढ़ने की आशंका जताई। आयोग के अनुसार, बाढ़ का पानी 6 से 8 घंटे के भीतर भारत-भूटान सीमा तक पहुंच सकता था।इस चेतावनी के बाद असम सरकार ने धुबरी और कोकराझार जिलों के संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी। प्रशासन को नदी किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा और संभावित जलभराव की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

नदी किनारे रहने वाले लोगों में बढ़ी चिंता

धुबरी जिले के सुरेंद्रपुर और खोक्सागुरी जैसे नदी किनारे के इलाकों में रहने वाले लोगों ने अचानक जलस्तर बढ़ने की आशंका पर चिंता जताई है। स्थानीय लोगों को डर है कि रात के समय पानी तेजी से बढ़ा तो घरों और खेतों में बाढ़ का पानी पहुंच सकता है।शुक्रवार को कुछ स्थानीय लोग स्थिति का जायजा लेने के लिए नदी किनारे एकत्र हुए। उन्होंने अपनी चिंता जताते हुए प्रशासन से सतर्कता और राहत व्यवस्था मजबूत रखने की मांग की। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए समय पर चेतावनी और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने की व्यवस्था महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने दिए निगरानी के निर्देश

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य सरकार धुबरी और कोकराझार के संवेदनशील इलाकों में भूटान की घटना के संभावित असर पर नजर रख रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, धुबरी जिला प्रशासन मौके पर मौजूद है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

राहत और आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के प्रवक्ता के अनुसार, शुक्रवार सुबह 6:30 बजे तक संकोश नदी का जलस्तर स्थिर था। जिला प्रशासन और आपदा राहत टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।संवेदनशील क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव कार्य शुरू करने की तैयारी भी की गई है। फिलहाल जलस्तर स्थिर होने की सूचना राहत देने वाली है, लेकिन प्रशासन की निगरानी जारी है।

GLOF क्या है और इससे खतरा क्यों बढ़ता है?

ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड तब होता है, जब हिमनदों से बनी झील का प्राकृतिक बांध टूट जाता है या पानी अचानक बाहर निकल जाता है। इससे कम समय में बहुत अधिक मात्रा में पानी तेज गति से नीचे की ओर बह सकता है।ऐसी बाढ़ पहाड़ी क्षेत्रों के साथ नदी के निचले इलाकों में भी नुकसान पहुंचा सकती है। पानी के तेज बहाव से पुल, सड़कें, खेत और नदी किनारे बसे घर प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए GLOF की घटनाओं के बाद नदी के निचले क्षेत्रों में समय पर चेतावनी और निगरानी बेहद जरूरी होती है।

असम में स्थिति पर प्रशासन की नजर

भूटान में झील फटने की घटना के बाद असम के धुबरी और कोकराझार जिलों में सतर्कता बढ़ाई गई है। केंद्रीय जल आयोग की एडवाइजरी और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की निगरानी के बीच प्रशासन संभावित जलस्तर वृद्धि पर नजर रख रहा है।फिलहाल संकोश नदी का जलस्तर स्थिर बताया गया है। आगे की स्थिति नदी के बहाव और जलस्तर में होने वाले बदलाव पर निर्भर करेगी। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

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Stv News Rajasthan

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