मालाखेड़ा में पंचायत चुनाव के नामांकन जांच के दौरान बिजली गुल, मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुआ काम
अलवर जिले के मालाखेड़ा में पंचायत चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के दौरान बिजली गुल होने से अव्यवस्थाओं की स्थिति सामने आई। नाम निर्देशन पत्रों की जांच के बीच अचानक बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इसके बाद कर्मचारियों को मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर दस्तावेजों की जांच करनी पड़ी। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामले के सामने आने के बाद चुनावी प्रक्रिया के दौरान जरूरी व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
नामांकन पत्रों की जांच के दौरान गुल हुई बिजली
जानकारी के अनुसार, पंचायत समिति मालाखेड़ा के अंतर्गत बरखेड़ा से जिला परिषद सदस्य पद के लिए ओम सैनी के नाम निर्देशन पत्र की जांच की जा रही थी। इसी दौरान अचानक बिजली चली गई।नामांकन पत्रों की जांच की प्रक्रिया जारी होने के कारण कर्मचारियों को दस्तावेज पढ़ने और उनका सत्यापन करने में परेशानी हुई। ऐसे में कर्मचारियों ने मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर जांच का काम जारी रखा।
मोबाइल की रोशनी में दस्तावेज जांचते रहे कर्मचारी
बिजली आपूर्ति बंद होने के बाद कार्यालय में पर्याप्त रोशनी नहीं रही। इसके चलते कर्मचारियों ने मोबाइल फोन की टॉर्च का सहारा लिया। इसी दौरान किसी ने घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।वीडियो सामने आने के बाद नामांकन प्रक्रिया के दौरान बिजली और रोशनी की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। नामांकन पत्रों की जांच चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है, इसलिए इस दौरान पर्याप्त रोशनी और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होना आवश्यक है।
कांग्रेस कार्यकर्ता ने बताई घटनाक्रम की जानकारी
कांग्रेस की ओर से नाम निर्देशन पत्र जमा कराने पहुंचे मोहनलाल सैनी ने बताया कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान अचानक बिजली चली गई थी। इसके बाद कर्मचारियों ने मोबाइल फोन की लाइट जलाकर दस्तावेजों की जांच की।हालांकि, बिजली आपूर्ति कितनी देर तक बाधित रही और इस दौरान नामांकन जांच की प्रक्रिया कितनी प्रभावित हुई, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
चुनावी व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
नामांकन जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया के दौरान बिजली गुल होने की घटना ने स्थानीय व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए हैं। दस्तावेजों की जांच में पर्याप्त रोशनी जरूरी होती है, ताकि नाम, हस्ताक्षर और अन्य विवरणों का सही तरीके से सत्यापन किया जा सके।ऐसी स्थिति में बिजली आपूर्ति बाधित होने पर वैकल्पिक रोशनी की व्यवस्था होना भी जरूरी है। इससे कर्मचारियों को काम करने में परेशानी नहीं होती और प्रक्रिया सुचारु रूप से जारी रह सकती है।
वायरल वीडियो के बाद प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
मालाखेड़ा में नामांकन जांच के दौरान बिजली गुल होने और मोबाइल टॉर्च से काम किए जाने का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। फिलहाल, बिजली कटौती के कारण और उसकी अवधि को लेकर विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।अब यह देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इस घटनाक्रम पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और चुनावी प्रक्रिया के दौरान ऐसी स्थिति से निपटने के लिए क्या व्यवस्था की जाती है।