भिवाड़ी में ड्रग्स का बड़ा खुलासा: गुजरात ATS–जयपुर SOG की संयुक्त रेड, 60 करोड़ की अल्प्राजोलम फैक्ट्री ध्वस्त…
राजस्थान के औद्योगिक हब भिवाड़ी में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार का बड़ा भंडाफोड़ हुआ है। गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS), जयपुर स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) और भिवाड़ी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक अवैध अल्प्राजोलम फैक्ट्री पर छापा मारकर करीब 60 करोड़ रुपये मूल्य की ड्रग्स जब्त की गई है। इस कार्रवाई ने न सिर्फ राजस्थान बल्कि अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क की ओर भी इशारा किया है।
कहरानी औद्योगिक क्षेत्र में अवैध फैक्ट्री पर संयुक्त छापा
संयुक्त टीम ने भिवाड़ी के कहरानी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक निजी फैक्ट्री पर छापा मारकर बिना लाइसेंस संचालित अल्प्राजोलम निर्माण यूनिट को सील कर दिया। मौके से 4.850 किलोग्राम शुद्ध अल्प्राजोलम पाउडर और 17.250 किलोग्राम मिक्स पाउडर बरामद किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 60 करोड़ रुपये आंकी गई है।
फॉरेंसिक जांच के बाद ड्रग्स जब्त, फैक्ट्री सील
बरामद की गई सामग्री को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया, जहां पुष्टि हुई कि यह प्रतिबंधित श्रेणी की नशीली दवा अल्प्राजोलम है। इसके बाद ड्रग्स को विधिवत जब्त कर लिया गया और पूरी फैक्ट्री को सील कर दिया गया। मौके से दवा निर्माण में प्रयुक्त केमिकल्स, मशीनरी और दस्तावेज भी बरामद किए गए।
गोपनीय सूचना से खुला मामला—SP प्रशांत किरण
भिवाड़ी एसपी प्रशांत किरण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गुजरात ATS को गोपनीय इनपुट मिला था कि APL फार्मा नामक यूनिट में बिना वैध लाइसेंस के अल्प्राजोलम का निर्माण किया जा रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद जयपुर SOG और स्थानीय UIT थाना पुलिस के सहयोग से यह संयुक्त ऑपरेशन अंजाम दिया गया।
तीन आरोपी गिरफ्तार, NDPS एक्ट में केस दर्ज
पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान आगरा (उत्तर प्रदेश) निवासी अंशुल शास्त्री, अखिलेश मौर्या और केमिस्ट श्रीकृष्ण कुमार यादव के रूप में हुई है। तीनों के खिलाफ NDPS एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है और पूछताछ जारी है।
खुशखेड़ा से कहरानी तक फैक्ट्री शिफ्ट करने का खुलासा
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अप्रैल माह में खुशखेड़ा क्षेत्र में किराए के प्लॉट पर अवैध यूनिट शुरू की थी। बाद में पुलिस और प्रशासन की नजर से बचने के लिए नवंबर के अंत में पूरा सेटअप कहरानी औद्योगिक क्षेत्र में शिफ्ट कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि यहां महज तीन दिन पहले ही उत्पादन शुरू हुआ था।
पहले ही बाजार में जा चुकी थी 4 किलो ड्रग्स
पुलिस के अनुसार आरोपी पहले ही करीब 4 किलो अल्प्राजोलम बाजार में सप्लाई कर चुके थे। उनका इरादा बड़े पैमाने पर ड्रग सप्लाई नेटवर्क तैयार करने का था। प्रारंभिक जांच में इस गिरोह के तार अन्य राज्यों और संभावित रूप से अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
रॉ मटेरियल और सप्लाई चैन की गहन जांच
एसपी प्रशांत किरण ने बताया कि अब पुलिस और ATS की टीमें रॉ मटेरियल की सप्लाई, फंडिंग स्रोत और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही हैं। इस कार्रवाई को नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।