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टंकी गिराने की लापरवाही, बड़ा हादसा टला

Govindgarh में जर्जर पानी की टंकी को हटाने के नाम पर ठेकेदार की लापरवाही ने बड़ा हादसा होने का खतरा पैदा कर दिया। अधिकारियों की चेतावनी के बावजूद रात में टंकी गिराने की कोशिश की गई, जिसे समय रहते रोक दिया गया।

नियमों को ताक पर रखकर शुरू किया काम
जलदाय विभाग की ओर से टंकी को सुरक्षित तरीके से हटाने के लिए करीब ढाई लाख रुपए का टेंडर जारी किया गया था। लेकिन ठेकेदार ने तय प्रक्रिया का पालन करने के बजाय रात में ही टंकी गिराने का काम शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि टंकी के पिलरों को नीचे से तोड़ने की कोशिश की गई, जो बेहद खतरनाक तरीका माना जाता है और इससे अनियंत्रित ढहने का खतरा बढ़ जाता है।

अधिकारियों की चेतावनी भी अनसुनी
मामले में सबसे गंभीर पहलू यह है कि विभाग के सहायक अभियंता (AEN) और कनिष्ठ अभियंता (JEN) ने पहले ही इस तरीके से काम करने से मना किया था। इसके बावजूद ठेकेदार ने आदेशों को नजरअंदाज कर कार्रवाई शुरू कर दी। यह न केवल लापरवाही बल्कि नियमों की खुली अवहेलना मानी जा रही है।

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ग्रामीणों का विरोध, पुलिस ने रुकवाया काम
जैसे ही स्थानीय लोगों को इस खतरनाक कार्रवाई की जानकारी मिली, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और काम को तुरंत रुकवा दिया गया। ग्रामीणों के आक्रोश के चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया था।

घनी आबादी में बड़ा खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि टंकी के आसपास घनी आबादी है और अगर इसे गलत तरीके से गिराया जाता, तो कई घर इसकी चपेट में आ सकते थे। इससे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था। समय रहते काम रुकने से एक बड़ा हादसा टल गया।

विभागीय निगरानी पर उठे सवाल
घटना के बाद जलदाय विभाग के अधिकारियों ने ठेकेदार को फटकार लगाई और जवाब मांगा कि मना करने के बावजूद काम क्यों शुरू किया गया। इस पूरे मामले ने विभागीय निगरानी और जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

कार्रवाई को लेकर उठे सवाल
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस गंभीर लापरवाही के लिए ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होगी। क्या इस मामले में सख्त कदम उठाए जाएंगे या फिर इसे भी नजरअंदाज कर दिया जाएगा—यह देखना बाकी है।

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