भिवाड़ी – सील अवैध पटाखा फैक्ट्री में लगी रहस्यमयी आग, पुलिस सुरक्षा के बावजूद भड़की लपटें
खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी स्थित खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में एक सील अवैध पटाखा फैक्ट्री में अचानक आग लगने का मामला सामने आया है। यह वही फैक्ट्री है, जिसे 16 फरवरी 2026 को हुए भीषण हादसे में 9 मजदूरों की मौत के बाद प्रशासन ने सील कर दिया था। उल्लेखनीय है कि इस फैक्ट्री और पहले हादसे वाली फैक्ट्री का मालिक एक ही है।
तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह ने बताया कि सील फैक्ट्री की दूसरी मंजिल पर अचानक आग लग गई। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है और मामले की जांच की जा रही है। फैक्ट्री कोर्ट के आदेश पर सील थी और 24 घंटे पुलिस सुरक्षा में रखी गई थी। पुलिसकर्मी फैक्ट्री के बाहर तैनात थे।
दमकलकर्मी राकेश कुमार के अनुसार, सुबह बंद फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिलते ही चार दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग बुझाने के लिए दूसरी मंजिल के शीशे तोड़ने पड़े। इस दौरान प्लास्टिक के पार्टिशन बोर्ड और पटाखों के खाली बॉक्स जलकर राख हो गए।
फैक्ट्री में पटाखों का भारी स्टॉक मौजूद था, लेकिन सील होने के कारण अंदर कोई कर्मचारी नहीं था, जिससे जनहानि नहीं हुई। हालांकि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि सख्त सुरक्षा के बावजूद आग कैसे लगी।
गौरतलब है कि 16 फरवरी 2026 को इसी मालिक की दूसरी फैक्ट्री में आग लगने से 9 मजदूरों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। इस मामले में तत्कालीन डीएसटी इंचार्ज मुकेश कुमार और कॉन्स्टेबल योगेश शर्मा की भूमिका सामने आई थी। बाद में योगेश शर्मा के भाई हेमंत कुमार शर्मा और फैक्ट्री संचालक हेमंत सचदेवा को गिरफ्तार किया गया था। दोनों आरोपी फिलहाल जेल में हैं और मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
इससे पहले 2024 में चौपानकी क्षेत्र में भी अवैध पटाखा फैक्ट्री को प्रशासन द्वारा सील किया गया था, लेकिन वहां भी काम जारी रहा और बाद में आग लगने की घटना सामने आई थी।