भरतपुर में पूर्व भाजपा विधायक अतर सिंह भड़ाना पर हमला, जयपुर में इलाज के दौरान मौत
भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर जिले के वैर थाना क्षेत्र के भौंडा गांव में क्रेशर संचालन और खदान तक जाने के रास्ते को लेकर विवाद हिंसक हो गया। रविवार देर शाम हुए हमले में पूर्व भाजपा विधायक अतर सिंह भड़ाना और उनके निजी अंगरक्षक गगन शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। भड़ाना को पहले वैर अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में जयपुर के SMS अस्पताल रेफर किया गया। वहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घायल अंगरक्षक गगन शर्मा का भरतपुर जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
खदान के रास्ते को लेकर कई दिनों से चल रहा था धरना
ग्रामीणों के अनुसार, खदान तक पहुंचने के रास्ते को लेकर पिछले 10 से 15 दिनों से धरना-प्रदर्शन चल रहा था। रविवार शाम विवाद उस समय बढ़ गया, जब भड़ाना पक्ष के लोगों के मौके पर पहुंचने की बात सामने आई।ग्रामीणों का आरोप है कि भड़ाना पक्ष के 40 से 50 लोग मौके पर पहुंचे और धरना स्थल से लोगों को हटाया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और लाठी-डंडों तथा पत्थरों से हमला शुरू हो गया।
भड़ाना और निजी अंगरक्षक गंभीर रूप से घायल
हमले में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना और उनके निजी अंगरक्षक गगन शर्मा गंभीर रूप से घायल हुए। भड़ाना को तत्काल वैर अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें जयपुर के SMS अस्पताल रेफर कर दिया।जयपुर में उपचार के दौरान भड़ाना की मौत हो गई। वहीं, घायल गगन शर्मा को भरतपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।
परिजनों ने लीज क्षेत्र में परेशान करने के आरोप लगाए
पूर्व विधायक की पत्नी कमलेश, परिजन पूरण सिंह और उनके निजी सहायक ने आरोप लगाया कि उनकी लीज का बिजली कनेक्शन काट दिया गया था। वाटर पंप को भी खराब कर दिया गया और लीज क्षेत्र में लगातार चोरी की घटनाएं हो रही थीं।परिजनों का कहना है कि लीज पर आने वाले लोगों को भी भगाया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि इन घटनाओं की सूचना पुलिस और प्रशासन को लगातार दी गई, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों के अनुसार, इसी कारण भड़ाना 25 सितंबर से लीज पर ही रहकर कामकाज की निगरानी कर रहे थे।
70 से 80 ग्रामीणों पर हमले का आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि रविवार शाम करीब 70 से 80 ग्रामीणों ने भड़ाना पर हमला किया। हालांकि, हमले में शामिल लोगों की संख्या और उनकी भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।पुलिस के अनुसार, क्रेशर संचालन को लेकर दोनों पक्षों के बीच करीब दो साल से तनाव चल रहा था। थाना प्रभारी धीरेन्द्र सिंह ने बताया कि घटना के समय क्रेशर पर 20 से 25 लोग मौजूद थे।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और जांच शुरू की। पुलिस हमले में शामिल लोगों की पहचान करने के साथ विवाद की वजह और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।फिलहाल मामले में दोनों पक्षों की ओर से सामने आए आरोपों और पुलिस के प्रारंभिक बयानों के आधार पर जांच की जा रही है। हमले की पूरी परिस्थितियां और जिम्मेदार लोगों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।