बंगाल एग्जिट पोल 2026: सत्ता बदलने के संकेत, बीजेपी को बहुमत का अनुमान, ममता सरकार पर संकट के बादल
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद सामने आए एग्जिट पोल ने सियासी हलचल तेज कर दी है। चाणक्य स्ट्रैटेजीज के अनुमान के मुताबिक इस बार राज्य में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि बीजेपी बहुमत के आंकड़े को पार कर सरकार बना सकती है, जबकि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि अंतिम तस्वीर 4 मई को मतगणना के बाद ही साफ होगी।
एग्जिट पोल में बीजेपी को बढ़त के संकेत
चाणक्य स्ट्रैटेजीज के एग्जिट पोल के अनुसार पश्चिम बंगाल में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प और करीबी रहने का अनुमान है। आंकड़ों के मुताबिक बीजेपी गठबंधन को 150 से 160 सीटें मिल सकती हैं, जो बहुमत के 148 के आंकड़े से ऊपर है। यह संकेत देता है कि राज्य में पहली बार बीजेपी सरकार बनाने की स्थिति में आ सकती है। वहीं सत्तारूढ़ टीएमसी को 130 से 140 सीटों पर सिमटने का अनुमान है, जिससे सत्ता परिवर्तन की संभावना मजबूत होती दिख रही है।
टीएमसी की पकड़ कमजोर, चौथी बार सरकार पर संकट
एग्जिट पोल के आंकड़ों से यह भी संकेत मिल रहे हैं कि ममता बनर्जी की लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी की राह आसान नहीं है। पिछले चुनावों में मजबूत प्रदर्शन करने वाली टीएमसी इस बार सीटों के मामले में पिछड़ती नजर आ रही है। यदि ये अनुमान सही साबित होते हैं, तो राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि टीएमसी अभी भी मजबूत विपक्ष की भूमिका में रह सकती है और मुकाबला पूरी तरह एकतरफा नहीं माना जा रहा।
वोट शेयर में भी बीजेपी आगे बताई गई
सिर्फ सीटों के अनुमान ही नहीं, बल्कि वोट प्रतिशत के मामले में भी बीजेपी को बढ़त मिलती दिखाई गई है। एग्जिट पोल के अनुसार बीजेपी गठबंधन को 43 से 45 प्रतिशत तक वोट मिलने की संभावना है। वहीं टीएमसी को 40 से 43 प्रतिशत वोट शेयर मिल सकता है। कांग्रेस का वोट शेयर 3 से 6 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है, जबकि अन्य दल और निर्दलीय उम्मीदवार 8 से 10 प्रतिशत वोट हासिल कर सकते हैं।
अन्य दलों का सीमित प्रभाव
इस चुनाव में कांग्रेस और अन्य छोटे दलों की भूमिका सीमित दिखाई दे रही है। एग्जिट पोल के मुताबिक कांग्रेस को केवल 2 से 4 सीटें मिल सकती हैं, जबकि अन्य के खाते में 4 से 6 सीटें जाने का अनुमान है। इससे साफ है कि मुख्य मुकाबला बीजेपी और टीएमसी के बीच ही केंद्रित रहा। छोटे दलों का प्रभाव इस बार सरकार बनाने के समीकरण में निर्णायक भूमिका निभाता नजर नहीं आ रहा है।
दो चरणों में संपन्न हुआ चुनाव
पश्चिम बंगाल की सभी 294 विधानसभा सीटों पर इस बार मतदान दो चरणों में कराया गया। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर वोटिंग हुई, जबकि दूसरे और अंतिम चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान संपन्न हुआ। शांतिपूर्ण मतदान के बाद अब सभी की नजरें 4 मई को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि एग्जिट पोल के अनुमान कितने सटीक साबित होते हैं।