बाड़मेर में करंट से पति-पत्नी की मौत, 14 भेड़-बकरियों ने भी तोड़ा दम
बाड़मेर जिले के गिड़ा क्षेत्र स्थित जांदूओं की ढाणी में बिजली का तार टूटने से दर्दनाक हादसा हो गया। करंट की चपेट में आए मवेशियों को बचाने पहुंचे किसान रावताराम कड़वासरा की मौत हो गई। पति को बचाने दौड़ी पत्नी वीरो देवी भी करंट की चपेट में आ गईं। हादसे में पति-पत्नी सहित करीब 13 से 14 भेड़-बकरियों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
मवेशियों को बचाने बाड़े में पहुंचे किसान की मौत
बाड़मेर जिले के गिड़ा क्षेत्र की जांदूओं की ढाणी में गुरुवार सुबह बिजली करंट से बड़ा हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार, खेत की तारबंदी के पास से गुजर रही थ्री-फेज विद्युत लाइन का तार टूटकर लोहे की जाली पर गिर गया था। इससे पशु बाड़े के आसपास करंट फैल गया।बाड़े में बंधी भेड़-बकरियां करंट की चपेट में आकर तड़पने लगीं। उनकी आवाज सुनकर किसान रावताराम कड़वासरा पुत्र हिमथाराम उन्हें बचाने के लिए बाड़े में पहुंच गए। बताया जा रहा है कि अंदर जाते ही वह भी करंट की चपेट में आ गए। गंभीर स्थिति के चलते उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
पति को बचाने दौड़ी पत्नी भी करंट की चपेट में आई
पति को करंट में फंसा देखकर उनकी पत्नी वीरो देवी उन्हें बचाने के लिए दौड़ीं। बताया जा रहा है कि उन्होंने बाड़े के लोहे के गेट को छुआ, जिसके बाद वह भी करंट की चपेट में आ गईं। इस हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।कुछ ही मिनटों में हुए इस हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। दंपती की मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है। मवेशियों को बचाने की कोशिश में दोनों की जान चली गई। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली लाइनों की सुरक्षा और समय पर मरम्मत की जरूरत को भी सामने लाती है।
हादसे में 13 से 14 भेड़-बकरियों की मौत
करंट फैलने से बाड़े में बंधे मवेशी भी बुरी तरह प्रभावित हुए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, करीब 13 से 14 भेड़-बकरियों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि केवल एक बकरी जीवित बची है।पशुधन ग्रामीण परिवारों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार होता है। ऐसे में दंपती की मौत के साथ बड़ी संख्या में मवेशियों का मरना परिवार के लिए दोहरी क्षति है। घटना के बाद पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची और मृत मवेशियों का निरीक्षण किया। पशुओं के नुकसान का आकलन संबंधित जांच के आधार पर किया जाएगा।
बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप
हादसे के बाद ग्रामीणों और परिजनों में आक्रोश है। उनका आरोप है कि विद्युत लाइन का तार एक दिन पहले ही टूट गया था। इसकी सूचना फोन के जरिए बिजली विभाग के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को दी गई थी।ग्रामीणों का कहना है कि यदि सूचना मिलने के बाद समय रहते बिजली आपूर्ति बंद कर तार की मरम्मत कर दी जाती, तो इस हादसे को रोका जा सकता था। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।ग्रामीणों ने मामले में जिम्मेदारी तय करने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। अब यह जांच का विषय है कि तार टूटने की सूचना कब मिली और विभाग की ओर से क्या कार्रवाई की गई थी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कटवाई बिजली
घटना की सूचना मिलने पर नागाणा थाना पुलिस और बाटाडू चौकी प्रभारी पुलिस जाब्ते के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने सबसे पहले बिजली विभाग के माध्यम से लाइन की आपूर्ति बंद करवाई, ताकि मौके पर मौजूद लोगों को आगे खतरा न रहे।इसके बाद दोनों शवों को कब्जे में लेकर बाटाडू मोर्चरी पहुंचाया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की जानकारी दी गई है। वहीं, मृत मवेशियों के निरीक्षण और पोस्टमार्टम के लिए पशु चिकित्सकों की टीम भी मौके पर पहुंची।
रिपोर्ट और तकनीकी जांच के आधार पर होगी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, परिजनों की रिपोर्ट और तकनीकी जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच में बिजली का तार टूटने की परिस्थितियों, करंट फैलने के कारण और विभाग को दी गई सूचना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी।इस हादसे ने बिजली लाइनों के रखरखाव और शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई करने की आवश्यकता को उजागर किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और पशु बाड़ों के पास से गुजरने वाली विद्युत लाइनों में खराबी होने पर तत्काल सुरक्षा कदम उठाना जरूरी है।फिलहाल, पति-पत्नी की मौत और मवेशियों के नुकसान से इलाके में शोक है। ग्रामीणों को जांच पूरी होने और जिम्मेदारी तय होने का इंतजार है।