बरगी डैम त्रासदी: तमिलनाडु का परिवार डूबा, किनारे खड़े रहे बेबस माता-पिता
मध्य प्रदेश के बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे ने एक परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया। तमिलनाडु से घूमने आए कामराज के परिवार के कई सदस्य इस हादसे का शिकार हो गए। सबसे दर्दनाक दृश्य तब सामने आया, जब बुजुर्ग सास-ससुर किनारे खड़े अपने परिवार को डूबते देखते रहे, लेकिन कुछ नहीं कर सके।
सैर-सपाटा बना जिंदगी का आखिरी सफर
जबलपुर की खमरिया ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में काम करने वाले कामराज अपने रिश्तेदारों के साथ छुट्टियां मनाने आए थे। परिवार के सात सदस्य क्रूज पर सवार होकर घूमने निकले, जबकि बुजुर्ग सास-ससुर किनारे ही रुक गए। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सैर उनके जीवन का सबसे दर्दनाक अध्याय बन जाएगी।
आंधी-तूफान में फंसा क्रूज, मच गई चीख-पुकार
क्रूज यात्रा के दौरान अचानक मौसम बिगड़ गया और तेज आंधी-तूफान के बीच नाव फंस गई। कुछ ही देर में क्रूज के अंदर पानी भरने लगा। घुटनों से ऊपर पानी आने के बाद यात्रियों में दहशत फैल गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, बच्चों की चीखें और परिवारों की बेबसी ने पूरे माहौल को भयावह बना दिया।
देर से मिली लाइफ जैकेट, कई को नहीं मिला सहारा
बचे हुए बच्चे पुवीथरन के अनुसार, जब पानी काफी भर चुका था, तब जाकर लाइफ जैकेट बांटी गईं। कई लोगों को जैकेट नहीं मिल सकी। इस अफरा-तफरी में क्रूज चालक के कूद जाने की बात भी सामने आई, जिससे यात्रियों में और डर फैल गया। हालात इतने बिगड़ गए कि लोग खुद को बचाने के लिए संघर्ष करते रह गए।
परिवार के सिर्फ दो बच्चे बचे, कई लापता
इस हादसे में परिवार के केवल दो बच्चे ही बच पाए, जबकि कामराज, उनका छोटा बेटा और एक अन्य बच्चा अभी भी लापता हैं। वहीं कामराज की पत्नी और रिश्तेदार महिला की मौत हो चुकी है। उनके शवों को तमिलनाडु भेजा जा रहा है। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
किनारे खड़े माता-पिता देखते रह गए मंजर
इस त्रासदी का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि कामराज के बुजुर्ग सास-ससुर किनारे पर खड़े अपने पूरे परिवार को डूबते हुए देखते रहे। वे मदद के लिए बेबस थे और कुछ नहीं कर सके। यह मंजर हर किसी की आंखें नम कर देने वाला है और हादसे की भयावहता को बयां करता है।