बार-बार मुंह में छाले क्यों होते हैं? जानिए रिसर्च क्या कहती है
मुंह के छाले एक आम समस्या हैं, लेकिन जब ये बार-बार होने लगें तो इन्हें हल्के में लेना सही नहीं है। नई मेडिकल रिसर्च बताती है कि इसके पीछे केवल मसालेदार भोजन या शरीर की गर्मी ही जिम्मेदार नहीं होती, बल्कि इम्यून सिस्टम, पोषण की कमी, तनाव और कुछ गंभीर बीमारियां भी इसकी वजह बन सकती हैं। ऐसे में बार-बार होने वाले छालों के कारणों को समझना और समय रहते सही इलाज कराना बेहद जरूरी है।
सिर्फ ‘गर्मी’ नहीं, कई कारण मिलकर बढ़ाते हैं समस्या
मुंह में होने वाले दर्दनाक छाले कई लोगों के लिए बार-बार लौटने वाली परेशानी बन जाते हैं। आमतौर पर इसे पेट की गर्मी या मसालेदार भोजन से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन मेडिकल रिसर्च इससे अलग तस्वीर पेश करती है। 2024 में प्रकाशित एक वैज्ञानिक समीक्षा के अनुसार, बार-बार होने वाले मुंह के छाले (Recurrent Aphthous Ulcers) कई कारणों के संयुक्त प्रभाव का परिणाम हो सकते हैं। इनमें शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता, पोषण की स्थिति, मानसिक तनाव और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं शामिल हैं। इसलिए यदि छाले बार-बार हो रहे हैं, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय कारण की जांच भी जरूरी है।
इम्यून सिस्टम और पोषण की कमी भी हो सकती है जिम्मेदार
विशेषज्ञों के अनुसार कुछ लोगों में शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से मुंह की स्वस्थ कोशिकाओं पर हमला करने लगता है, जिससे छाले बनने लगते हैं। इसके अलावा शरीर में विटामिन B12, फोलिक एसिड और आयरन की कमी भी इस समस्या का प्रमुख कारण बन सकती है। यदि किसी व्यक्ति को बार-बार छाले हो रहे हैं, तो डॉक्टर आवश्यकता पड़ने पर खून की जांच कराने की सलाह दे सकते हैं ताकि पोषण संबंधी कमी का पता लगाया जा सके और उसका उचित इलाज शुरू किया जा सके।
तनाव और मुंह की छोटी चोट भी बढ़ा सकती है जोखिम
मानसिक तनाव भी मुंह के छालों का एक महत्वपूर्ण ट्रिगर माना जाता है। परीक्षा का दबाव, कार्यस्थल का तनाव या मानसिक चिंता कई लोगों में इस समस्या को बढ़ा सकती है। इसके अलावा गलती से गाल काट लेना, कठोर ब्रश का इस्तेमाल करना या दांतों की नुकीली धार से बार-बार रगड़ लगना भी छालों की शुरुआत कर सकता है। कुछ महिलाओं में हार्मोनल बदलाव, विशेषकर मासिक धर्म के दौरान, बार-बार छाले होने का कारण बन सकते हैं।
कई गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकते हैं छाले
यदि मुंह के छाले बार-बार हों, आकार में बड़े हों या लंबे समय तक ठीक न हों, तो यह कुछ गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकता है। इनमें सीलिएक रोग, क्रोहन रोग, अल्सरेटिव कोलाइटिस और बेहचेट रोग जैसी स्थितियां शामिल हैं। ऐसे मामलों में स्वयं इलाज करने के बजाय डॉक्टर या दंत विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। समय पर जांच से बीमारी की सही पहचान और उपचार संभव हो सकता है।
कैसे पहचानें मुंह के छाले और क्या करें बचाव
मुंह के छाले आमतौर पर छोटे, गोल या अंडाकार घाव होते हैं, जिनका बीच का हिस्सा सफेद या पीला और किनारे लाल रंग के दिखाई देते हैं। खट्टा या मसालेदार भोजन खाने पर इनमें तेज दर्द महसूस हो सकता है। अधिकांश छाले एक से दो सप्ताह में अपने आप ठीक हो जाते हैं। इनसे बचाव के लिए संतुलित आहार लें, पर्याप्त पानी पिएं, विटामिन की कमी न होने दें, मुलायम ब्रिसल वाला टूथब्रश इस्तेमाल करें, मुंह की सफाई का विशेष ध्यान रखें और तनाव कम करने का प्रयास करें।
किन परिस्थितियों में तुरंत डॉक्टर से मिलें?
यदि मुंह के छाले दो सप्ताह से अधिक समय तक बने रहें, बार-बार निकलें, बहुत बड़े या अत्यधिक दर्दनाक हों, खाने-पीने में परेशानी होने लगे या बुखार और शरीर के अन्य हिस्सों में भी घाव दिखाई दें, तो इसे सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकते हैं, इसलिए बिना देरी किए डॉक्टर या दंत चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक है।