जयपुर सेंट्रल जेल में पूर्व विधायक के पास मोबाइल मिला, FIR दर्ज; जांच में मचा हड़कंप
जयपुर सेंट्रल जेल में बंद बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव के खिलाफ एक और मामला दर्ज हुआ है। जेल में तलाशी अभियान के दौरान उनके पास से मोबाइल फोन, सिम और बैटरी मिलने का दावा किया गया है। इसके बाद लाल कोठी थाने में प्रिजन्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई। जेल प्रहरी विष्णु जाट की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। मामले की जांच एएसआई सूरजमल कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों में जेल में मोबाइल मिलने के कई मामले सामने आए हैं।
तलाशी के दौरान पूर्व विधायक के पास मिला मोबाइल
जेल प्रशासन की ओर से समय-समय पर बैरकों और वार्डों में तलाशी अभियान चलाया जाता है। बुधवार, 9 सितंबर को भी जयपुर सेंट्रल जेल में तलाशी अभियान चलाया गया।
इसी दौरान वार्ड नंबर 5 में बंद पूर्व विधायक बलजीत यादव के पास मोबाइल फोन मिलने की बात सामने आई। पुलिस के अनुसार मोबाइल के साथ सिम और बैटरी भी बरामद हुई। इसके बाद जेल प्रशासन ने लाल कोठी थाने में शिकायत दर्ज कराई।
प्रिजन्स एक्ट के तहत दर्ज हुई FIR
जेल प्रहरी विष्णु जाट की शिकायत पर बलजीत यादव के खिलाफ प्रिजन्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
मामले की जांच एएसआई सूरजमल को सौंपी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मोबाइल फोन जेल के अंदर कैसे पहुंचा और इसका इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा था।
दस दिन में 20 से ज्यादा मामलों की बात
जेल प्रशासन के अनुसार पिछले करीब दस दिनों में अलग-अलग तलाशी अभियानों के दौरान मोबाइल फोन मिलने के कई मामले सामने आए हैं।
इस अवधि में 20 से ज्यादा कैदियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की बात कही गई है। लगातार मोबाइल मिलने की घटनाओं ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रतिबंधित सामान की अंदर तक पहुंच को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
खेल सामग्री खरीद मामले में जेल में हैं यादव
बलजीत यादव खेल सामग्री खरीद से जुड़े कथित घोटाले के मामले में जेल में बंद हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें 3 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया था।
ईडी की ओर से दो बार रिमांड लेने के बाद 7 फरवरी को उन्हें जेल भेजा गया था। इसके बाद से वह जयपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। अब जेल में मोबाइल मिलने के मामले में उनके खिलाफ अलग से कार्रवाई शुरू हुई है।
हाईकोर्ट से भी नहीं मिली थी जमानत
बलजीत यादव की जमानत याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट में भी सुनवाई हो चुकी है। सुनवाई के दौरान यादव की ओर से उनके वकील ने ईडी की कार्रवाई को लेकर दलीलें दी थीं।
वहीं ईडी की ओर से आरोप लगाया गया था कि यादव के निर्देश पर अलग-अलग नामों से फर्म बनाई गईं और खेल सामग्री की खरीद में कथित तौर पर अनियमितता की गई। ईडी ने मामले में यादव को कथित तौर पर मुख्य भूमिका में बताया था।
जमानत याचिका हाईकोर्ट ने कर दी थी खारिज
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट की जस्टिस रवि चिरानिया की बेंच ने बलजीत यादव की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
इसके बाद भी यादव जेल में हैं। अब जेल में मोबाइल मिलने की घटना के बाद उनके खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज हो गई है। हालांकि, मोबाइल के इस्तेमाल और उसके जेल तक पहुंचने से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
मोबाइल जेल में कैसे पहुंचा, पुलिस करेगी जांच
इस मामले में अब पुलिस और जेल प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल मोबाइल फोन की जेल के अंदर पहुंचने को लेकर है। जांच में यह भी देखा जा सकता है कि फोन किसके संपर्क में था और इसका इस्तेमाल कब से किया जा रहा था।
पुलिस बरामद मोबाइल और सिम से जुड़े तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर सकती है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।