Alwar Election: BJP प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी तेज, 65 उम्मीदवारों को अज्ञात जगह भेजा; बोहरा बोले- BJP का बोर्ड तय
अलवर नगर निगम चुनाव की वोटिंग खत्म होने के बाद अब मेयर और बोर्ड गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा ने अपने सभी 65 प्रत्याशियों को एक साथ केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर बुलाया। यहां वन मंत्री संजय शर्मा और चुनाव प्रभारी रामचरण बोहरा ने प्रत्याशियों के साथ बैठक की। इसके बाद सभी प्रत्याशियों को बसों के जरिए एक अज्ञात स्थान के लिए रवाना किया गया। उनके मोबाइल फोन भी जमा करा लिए गए हैं। भाजपा ने इसे बाड़ेबंदी मानने से इनकार किया है। वहीं राजनीतिक हलकों में इसे बहुमत सुरक्षित रखने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
भूपेंद्र यादव के आवास पर पहुंचे भाजपा के 65 प्रत्याशी
अलवर नगर निगम के सभी 65 वार्डों से भाजपा प्रत्याशी मतदान के बाद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर पहुंचे। यहां वन मंत्री संजय शर्मा और जयपुर के पूर्व सांसद एवं चुनाव प्रभारी रामचरण बोहरा ने प्रत्याशियों के साथ बैठक की।
बैठक में चुनाव के बाद की स्थिति और बोर्ड गठन को लेकर चर्चा होने की बात सामने आई है। इसके बाद सभी प्रत्याशियों को बसों से एक अन्य स्थान के लिए रवाना किया गया। हालांकि उन्हें कहां ले जाया गया है, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
मोबाइल फोन भी जमा, कोड नंबर से सुरक्षित रखने की व्यवस्था
भाजपा प्रत्याशियों के मोबाइल फोन भी पार्टी की ओर से जमा करा लिए गए। बताया गया कि मोबाइल को कोड नंबर के जरिए सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है।
प्रत्याशियों को एक साथ रखने और बाहरी संपर्क को सीमित करने की इस व्यवस्था ने चुनाव के बाद अलवर की सियासत में चर्चाओं को बढ़ा दिया है। हालांकि भाजपा की ओर से इसे औपचारिक बाड़ेबंदी नहीं माना जा रहा है।
रामचरण बोहरा का बड़ा दावा- सभी 65 जीतेंगे
अलवर नगर निगम चुनाव प्रभारी रामचरण बोहरा ने भाजपा की जीत को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के सभी 65 प्रत्याशी चुनाव जीतेंगे और नगर निगम में पार्टी का बोर्ड बनना तय है।
बोहरा ने दावा किया कि 21 सितंबर को सर्वसम्मति से भाजपा का मेयर और बोर्ड बनेगा। वहीं 22 सितंबर को डिप्टी मेयर का चुनाव होने की बात भी उन्होंने कही। हालांकि वास्तविक स्थिति चुनाव परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
बाड़ेबंदी के सवाल पर बोहरा ने किया इनकार
भाजपा प्रत्याशियों को एक साथ अज्ञात स्थान पर भेजे जाने और मोबाइल जमा कराने के सवाल पर रामचरण बोहरा ने बाड़ेबंदी की बात से इनकार किया।
उनका कहना है कि सभी प्रत्याशी अपनी इच्छा से साथ हैं और खुशी-खुशी एक साथ रह रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि 21 सितंबर को चुनाव और बोर्ड गठन की प्रक्रिया के समय सभी प्रत्याशी वापस मौजूद रहेंगे।
आखिर कहां गए भाजपा के 65 प्रत्याशी?
प्रत्याशियों की सामूहिक रवानगी के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि भाजपा के सभी 65 उम्मीदवारों को आखिर कहां ले जाया गया है। पार्टी ने फिलहाल स्थान का खुलासा नहीं किया है।
मोबाइल फोन जमा कराने और प्रत्याशियों को एक साथ रखने की व्यवस्था ने इस सवाल को और दिलचस्प बना दिया है। हालांकि पार्टी इसे अनुशासन और आपसी समन्वय से जोड़ रही है।
मेयर और बोर्ड गठन को लेकर बढ़ी हलचल
अलवर नगर निगम में मेयर पद इस बार अनारक्षित महिला वर्ग के लिए आरक्षित है। ऐसे में चुनाव परिणाम के साथ ही मेयर पद के संभावित चेहरों को लेकर भी चर्चा तेज होगी।
भाजपा यदि बहुमत हासिल करती है तो पार्टी के भीतर मेयर पद के लिए दावेदारों की सक्रियता बढ़ सकती है। वहीं बोर्ड गठन के लिए निर्दलीय और अन्य दलों के संभावित विजेता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
नतीजों से पहले सियासी रणनीति पर नजर
मतदान के बाद अब सभी राजनीतिक दलों की नजर परिणामों पर है। भाजपा अपने प्रत्याशियों की जीत का दावा कर रही है। दूसरी ओर कांग्रेस और अन्य दल भी अपने-अपने आकलन के आधार पर बोर्ड बनाने की रणनीति पर काम कर सकते हैं।
अब 14 सितंबर को आने वाले चुनाव परिणाम और उसके बाद की राजनीतिक गतिविधियां अलवर नगर निगम की नई तस्वीर तय करेंगी। फिलहाल भाजपा प्रत्याशियों की सामूहिक रवानगी ने अलवर की राजनीति में सबसे ज्यादा चर्चा बटोरी है।