बद्रीनाथ से अयोध्या तक दान मामलों की जांच तेज, CCTV फुटेज और पूछताछ के आधार पर जुटाए जा रहे सबूत
देश के दो प्रमुख धार्मिक स्थलों—उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम और अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर—से जुड़े कथित दान गबन मामलों की जांच तेज हो गई है। जांच एजेंसियां CCTV फुटेज, दस्तावेजी साक्ष्य और पूछताछ के जरिए पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही हैं। फिलहाल सभी आरोप जांच के दायरे में हैं और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
बद्रीनाथ मंदिर मामले में SIT ने की पूछताछ
बद्रीनाथ मंदिर समिति से जुड़े कथित दान गबन मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) कर रही है। जांच के तहत टीम ने बद्रीनाथ धाम का दौरा कर संबंधित रिकॉर्ड और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इसके बाद मंदिर समिति के पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान से विस्तृत पूछताछ की गई। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि दान राशि के प्रबंधन में कहीं कोई अनियमितता हुई या नहीं। मामले से जुड़े सभी तथ्यों और साक्ष्यों की बारीकी से जांच जारी है।
CCTV फुटेज में संदिग्ध गतिविधियों का दावा
जांच एजेंसियों का दावा है कि कुछ CCTV फुटेज में पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान 22 जून, 25 जून और 29 जून को कथित तौर पर नकदी के बंडल अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दे रहे हैं। इन्हीं फुटेज के आधार पर उनसे कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए हैं। हालांकि इन दावों की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। अधिकारियों का कहना है कि हर साक्ष्य की तकनीकी और कानूनी स्तर पर पुष्टि की जा रही है।
राम मंदिर दान मामले में भी जांच तेज
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े कथित दान गबन मामले में भी पुलिस और SIT लगातार कार्रवाई कर रही हैं। पुलिस ने दो आरोपियों—टीनू यादव और मनीष यादव—की पुलिस रिमांड की मांग अदालत से की है ताकि कथित पैसों के लेन-देन और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा सके। इससे पहले दो अन्य आरोपियों से भी पुलिस पूछताछ कर चुकी है। अदालत ने सभी आठ आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ा दी है और मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को निर्धारित की गई है।
SIT की शुरुआती जांच में क्या सामने आया?
राम मंदिर मामले की जांच कर रही SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 27 अप्रैल से 5 जून 2026 के बीच CCTV फुटेज में कई संदिग्ध गतिविधियां दर्ज हुईं। कुछ फुटेज में कैश काउंटिंग प्रक्रिया के दौरान कर्मचारियों की गतिविधियों पर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था की कमियों का भी जिक्र है, जिसमें प्रवेश और निकास पर पर्याप्त जांच व्यवस्था नहीं होना, निजी सामान की प्रभावी जांच का अभाव और कई दान पेटियों की नकदी एक साथ गिनने जैसी व्यवस्थागत खामियां शामिल हैं।
अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं सभी की निगाहें
जांच के दौरान कुछ कर्मचारियों से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने और कैश काउंटिंग रूम से जुड़े क्षेत्र में नकदी मिलने के दावों की भी जांच की जा रही है। हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल चांदी की ईंटों या अन्य कीमती सामान के गायब होने जैसे दावों के समर्थन में जांच एजेंसियों को अब तक कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच के बाद ही अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।