चित्तौड़गढ़ में महिला को कथित रूप से जहर पिलाकर हत्या का प्रयास, तीन नामजद आरोपियों पर केस
चित्तौड़गढ़ के सदर थाना क्षेत्र में एक महिला को कथित रूप से जहरीला पदार्थ पिलाकर हत्या के प्रयास का मामला सामने आया है। पीड़िता की बहन की शिकायत पर पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गंभीर हालत में महिला का उदयपुर के एमबी अस्पताल में उपचार चल रहा है, जहां वह आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती है।
रंजिश के चलते वारदात का आरोप, पुलिस ने दर्ज किया मामला
चित्तौड़गढ़ के सदर थाना क्षेत्र में आपसी रंजिश को लेकर एक महिला को कथित रूप से जहरीला पदार्थ पिलाकर जान से मारने की कोशिश किए जाने का मामला दर्ज हुआ है। पीड़िता की छोटी बहन की शिकायत पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने पहले महिला का मोबाइल फोन बंद कराया, उसके साथ मारपीट की और फिर जबरन जहरीला पदार्थ खिलाया। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
गंभीर हालत में उदयपुर रेफर, आईसीयू में उपचार जारी
घटना के बाद पीड़िता को पहले चित्तौड़गढ़ के निजी अस्पताल ले जाया गया। हालत बिगड़ने पर उसे अन्य अस्पताल में शिफ्ट किया गया और बाद में बेहतर उपचार के लिए उदयपुर रेफर कर दिया गया। वर्तमान में महिला का उपचार उदयपुर के एमबी अस्पताल में चल रहा है, जहां वह आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। पुलिस का कहना है कि पीड़िता के बयान दर्ज होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी हो रही जांच
पुलिस के अनुसार नामजद आरोपियों में एक महिला भी शामिल है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपियों में से एक कुछ समय पहले ही जेल से रिहा हुआ था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि पीड़िता और आरोपियों के बीच विवाद या रंजिश की वास्तविक वजह क्या थी। साथ ही आरोपियों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य मामलों में उनकी संलिप्तता की भी जानकारी जुटाई जा रही है। मामले की जांच उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है।
सोशल मीडिया पर मौत की खबर से फैला भ्रम
घटना के बाद पीड़िता की बहन द्वारा सोशल मीडिया पर महिला की मौत की सूचना साझा किए जाने से भ्रम की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल जांच कराई, जिसमें पता चला कि महिला जीवित है और अस्पताल में उपचाराधीन है। इसके बाद पुलिस ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि पीड़िता फिलहाल बयान देने की स्थिति में नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि चिकित्सकीय स्थिति में सुधार होने के बाद उसके बयान के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
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