एंटी पेपर लीक बिल पर आज घमासान, धर्मेंद्र प्रधान के बाद विपक्ष के निशाने पर अमित शाह
लोकसभा में सोमवार को एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा होने जा रही है। केंद्र सरकार इसे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और नकल माफियाओं पर सख्ती की दिशा में बड़ा कदम बता रही है। वहीं विपक्ष छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और 20 जुलाई के ‘चलो संसद मार्च’ के दौरान बल प्रयोग के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद विपक्ष की रणनीति अब गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगने पर केंद्रित दिखाई दे रही है।
एंटी पेपर लीक बिल पर सरकार की बड़ी तैयारी
मोदी सरकार सोमवार को लोकसभा में एंटी पेपर लीक विधेयक पेश करेगी। इस विधेयक को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह सदन में प्रस्तुत करेंगे, जबकि शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे प्रह्लाद जोशी सरकार का पक्ष रख सकते हैं। सरकार का कहना है कि यह कानून परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाएगा और पेपर लीक जैसे अपराधों में शामिल संगठित गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का रास्ता मजबूत करेगा। माना जा रहा है कि बहस के दौरान कई वरिष्ठ मंत्री भी अपनी बात रख सकते हैं।
बीजेपी ने युवा सांसदों को सौंपी अहम जिम्मेदारी
विधेयक पर चर्चा के लिए बीजेपी ने अपने युवा नेताओं को आगे किया है। पार्टी की ओर से बांसुरी स्वराज बहस की शुरुआत कर सकती हैं, जबकि तेजस्वी सूर्या भी प्रमुख वक्ताओं में शामिल रहेंगे। इसके अलावा एनडीए के सहयोगी दलों के कई सांसद भी चर्चा में हिस्सा ले सकते हैं। सरकार की रणनीति है कि युवा प्रतिनिधि परीक्षा सुधार और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष मजबूती से रखें।
विपक्ष अब अमित शाह से मांगेगा जवाब
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विपक्ष ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। अब विपक्ष का मुख्य फोकस 20 जुलाई को छात्रों के ‘चलो संसद मार्च’ के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और कथित बल प्रयोग के मुद्दे पर रहेगा। राहुल गांधी पहले ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर यह सवाल उठा चुके हैं कि छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग की अनुमति किस स्तर से दी गई थी। विपक्ष इसी मुद्दे को संसद में प्रमुखता से उठाने की तैयारी कर रहा है।
हंगामेदार बहस के आसार, सरकार-विपक्ष आमने-सामने
पिछले सप्ताह संसद में इस मुद्दे पर जोरदार हंगामा देखने को मिला था और इस बार भी तीखी बहस की संभावना जताई जा रही है। विपक्ष हालिया पेपर लीक मामलों और छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को लेकर सरकार से जवाब मांग सकता है, जबकि एनडीए इस विधेयक को परीक्षा प्रणाली में सुधार और नकल माफिया पर सख्त कार्रवाई का प्रभावी माध्यम बताने की कोशिश करेगा। ऐसे में सदन में सरकार और विपक्ष के बीच तीखा राजनीतिक मुकाबला देखने को मिल सकता है।