एंटी पेपर लीक बिल पर संसद में तीखी बहस, विपक्ष बोला- ‘सिर्फ सजा बढ़ाने से नहीं, जवाबदेही तय करने से बदलेगा सिस्टम’
देशभर में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और पेपर लीक की घटनाओं को लेकर लोकसभा में एंटी पेपर लीक विधेयक पर लंबी और तीखी बहस हुई। विपक्ष ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय नहीं करने का आरोप लगाया और कहा कि केवल सख्त सजा का प्रावधान पर्याप्त नहीं है। वहीं सरकार ने विधेयक को परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया। बहस के दौरान छात्र आंदोलनों और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी जोरदार ढंग से उठा।
लोकसभा में 10 घंटे तक चली बहस
एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के लिए पहले छह घंटे का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन विपक्ष की मांग के बाद बहस की अवधि बढ़ाकर 10 घंटे कर दी गई। सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने परीक्षा प्रणाली, भर्ती प्रक्रियाओं और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर अपने-अपने पक्ष रखे। बहस के दौरान कई सांसदों ने हाल के वर्षों में सामने आए पेपर लीक मामलों का उल्लेख करते हुए परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता बताई।
गौरव गोगोई ने सरकार से पूछे तीखे सवाल
Gaurav Gogoi ने चर्चा के दौरान सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि केवल दंड बढ़ाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और संस्थागत सुधारों की जरूरत है। गोगोई ने छात्र आंदोलनों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का भी मुद्दा उठाया और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित बल प्रयोग पर सरकार से जवाब मांगा।
छात्र आंदोलनों का मुद्दा भी गूंजा
विपक्षी सांसदों ने सदन में हालिया छात्र प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों के साथ कथित तौर पर कठोर कार्रवाई की गई। उन्होंने मांग की कि यदि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिम्मेदारी तय की जाए। विपक्ष का कहना था कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
सरकार बोली- परीक्षा प्रणाली होगी और मजबूत
सरकार की ओर से विधेयक का समर्थन करते हुए कहा गया कि इसका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है। सरकार का पक्ष था कि संगठित तरीके से होने वाली पेपर लीक और परीक्षा में धांधली पर रोक लगाने के लिए सख्त कानूनी ढांचा जरूरी है। साथ ही यह भी कहा गया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई से भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
पेपर लीक पर राजनीतिक घमासान जारी
एंटी पेपर लीक बिल को लेकर संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष जहां इसे अधूरा कदम बताते हुए व्यापक सुधारों की मांग कर रहा है, वहीं सरकार का दावा है कि नया कानून परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। अब सभी की नजर विधेयक पर आगे की संसदीय प्रक्रिया और इसके अंतिम स्वरूप पर टिकी है।