अनंतनाग में पुलिसकर्मी की हत्या के बाद बड़ा एक्शन, लश्कर से जुड़े दो आतंकियों के मकान ढहाए गए
जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में पुलिसकर्मी की हत्या के बाद सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े दो संदिग्ध आतंकियों के मकानों को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई पुलिसकर्मी पर हुए आतंकी हमले के कुछ घंटों के भीतर की गई। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और तलाशी अभियान भी तेज कर दिया गया है।
पुलिसकर्मी की हत्या के बाद प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
अनंतनाग जिले के लाल चौक क्षेत्र में पुलिसकर्मी पर हुए आतंकी हमले के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। अधिकारियों के मुताबिक, लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े बताए जा रहे आदिल ठोकर और हारून रशीद गनई के मकानों को बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात ध्वस्त किया गया। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जुटाई गई जानकारी और कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई।
अमरनाथ यात्रा की ड्यूटी के दौरान हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात थे। इसी दौरान अनंतनाग के लाल चौक क्षेत्र में उन पर गोलीबारी की गई, जिसमें उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके को घेरकर सुरक्षा बलों ने व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया और हमलावरों की तलाश तेज कर दी।
एक साल बाद फिर दिखी ऐसी कार्रवाई
कश्मीर में आतंकवाद से जुड़े मामलों में संदिग्ध आतंकियों के मकानों को ध्वस्त करने की कार्रवाई पहले भी की जाती रही है। हालांकि, सुरक्षा हालात में सुधार और हिंसक घटनाओं में कमी आने के कारण पिछले लगभग एक वर्ष से इस तरह की कार्रवाई नहीं हुई थी। ताजा घटना के बाद प्रशासन ने फिर से सख्त रुख अपनाते हुए यह कदम उठाया है।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, तलाशी अभियान जारी
पुलिसकर्मी की हत्या के बाद अनंतनाग और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हमले में शामिल आतंकियों की तलाश जारी है और पूरे मामले की जांच विभिन्न एजेंसियां मिलकर कर रही हैं।
आतंकवाद के खिलाफ सख्त रणनीति पर जोर
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और उसके नेटवर्क के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य आतंकी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखना और आम नागरिकों तथा सुरक्षा बलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि कानून के दायरे में रहकर आतंकवाद से जुड़े मामलों में आवश्यक कार्रवाई जारी रहेगी।