CJP के जश्न पर BJP का हमला, अमित मालवीय बोले- क्या छात्रों की भावनाओं का हुआ राजनीतिक इस्तेमाल?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए जश्न के वीडियो को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पर निशाना साधा है। भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने आंदोलन की गंभीरता पर सवाल उठाते हुए कहा कि न्याय के नाम पर चलाए गए अभियान के तुरंत बाद जश्न मनाने वाले दृश्य कई लोगों को असंवेदनशील लग सकते हैं।
वायरल वीडियो पर BJP ने उठाए सवाल
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर CJP से जुड़े कुछ लोगों के जश्न मनाने के वीडियो वायरल हुए। इन्हीं वीडियो को साझा करते हुए भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा कि किसी भी संघर्ष के बाद खुशी मनाना गलत नहीं है, लेकिन उसका समय और तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। उनके अनुसार, जब किसी आंदोलन को छात्रों के भविष्य और न्याय की लड़ाई के रूप में प्रस्तुत किया गया हो, तब ऐसे वीडियो कई लोगों के मन में सवाल खड़े कर सकते हैं।
‘आंदोलन की नैतिकता पर उठ सकते हैं सवाल’
अमित मालवीय ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यदि किसी आंदोलन की नैतिक आधारशिला छात्रों की पीड़ा और आत्महत्या जैसी दुखद घटनाओं को बताया गया हो, तो उसके तुरंत बाद जश्न मनाते हुए दिखाई देना संवेदनशीलता पर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे दृश्य उन परिवारों और छात्रों की भावनाओं को आहत कर सकते हैं, जिन्होंने इस मुद्दे को गंभीरता से देखा।
छात्रों को क्या संदेश जाएगा?
भाजपा नेता ने कहा कि जंतर-मंतर और अन्य स्थानों पर बड़ी संख्या में छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद लेकर आंदोलन से जुड़े थे। ऐसे में जश्न के वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि इन युवाओं तक क्या संदेश पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल छात्रों को यह जानने का अधिकार है कि उनके विश्वास और भागीदारी का उद्देश्य क्या था।
‘राजनीतिक इस्तेमाल’ का लगाया आरोप
अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि कई छात्रों को अब यह महसूस हो सकता है कि उनकी भावनाओं का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्य के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि जो युवा ईमानदारी से शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन का हिस्सा बने थे, उन्हें आत्ममंथन करने का अवसर मिलना चाहिए कि कहीं उनकी भागीदारी किसी राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा तो नहीं बन गई।
देश के युवाओं को दिया संदेश
अपने बयान के अंत में अमित मालवीय ने कहा कि देश के युवाओं को प्रतीकात्मक राजनीति या दिखावे से अधिक ईमानदारी, पारदर्शिता और गंभीर प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर होने वाले आंदोलनों में जिम्मेदारी और संवेदनशीलता सर्वोपरि होनी चाहिए।