पीपीपी मॉडल पर बनेगा अलवर का नया रोडवेज बस स्टैंड, 65 करोड़ की परियोजना को मिली रफ्तार
अलवर शहर के बहुप्रतीक्षित नए रोडवेज बस स्टैंड के निर्माण को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। राज्य सरकार ने हनुमान सर्किल क्षेत्र में प्रस्तावित बस स्टैंड को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित करने को मंजूरी दे दी है। अब परिवहन निगम निजी एजेंसी का चयन कर परियोजना को आगे बढ़ाएगा। करीब 65 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह बस स्टैंड आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और इसके शुरू होने से शहर की यातायात व्यवस्था को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार ने पीपीपी मॉडल को दी मंजूरी
राजस्थान सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अलवर का नया रोडवेज बस स्टैंड सरकारी बजट से नहीं बल्कि पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसके तहत निजी एजेंसी परियोजना में निवेश करेगी और बस स्टैंड के निर्माण से लेकर संचालन तक की जिम्मेदारी संभालेगी। परिवहन निगम बस स्टैंड की भूमि एजेंसी को लीज पर देगा। इसके बदले एजेंसी को परिसर में विकसित होने वाले व्यावसायिक क्षेत्र से आय अर्जित करने का अवसर मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस मॉडल से परियोजना तेजी से पूरी हो सकेगी।
भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी
नए बस स्टैंड के लिए आवश्यक भूमि पहले ही परिवहन निगम को उपलब्ध कराई जा चुकी है। इसके बदले निगम ने संबंधित एजेंसी को लगभग सात करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिया है। भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद पिछले कुछ महीनों से परियोजना में कोई विशेष प्रगति नहीं हो रही थी। अब पीपीपी मॉडल को मंजूरी मिलने के बाद परियोजना को नई गति मिलने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि निजी भागीदारी के चलते निर्माण कार्य में देरी की संभावना कम होगी।
निजी एजेंसी संभालेगी संचालन
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार चयनित एजेंसी बस स्टैंड के निर्माण के साथ-साथ उसके दैनिक संचालन की जिम्मेदारी भी निभाएगी। बस स्टैंड परिसर में विकसित होने वाले कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, दुकानों और अन्य व्यावसायिक सुविधाओं से होने वाली आय एजेंसी का प्रमुख राजस्व स्रोत होगी। इसी मॉडल के जरिए एजेंसी अपने निवेश की भरपाई करेगी। परिवहन निगम केवल नियामक और निगरानी की भूमिका में रहेगा ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
देश के कई शहरों में सफल रहा मॉडल
पीपीपी मॉडल पर बस टर्मिनल विकसित करने की व्यवस्था देश के कई शहरों में सफल साबित हुई है। लखनऊ का आलमबाग बस टर्मिनल इसका प्रमुख उदाहरण माना जाता है। इसके अलावा आगरा, वाराणसी, गाजियाबाद, प्रयागराज और गुरुग्राम में भी इसी मॉडल पर बस स्टैंड विकसित किए जा रहे हैं। गुजरात के पालनपुर, अहमदाबाद और वडोदरा में बने आधुनिक बस पोर्ट यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं। इन्हीं सफल परियोजनाओं को देखते हुए अलवर में भी यह मॉडल अपनाया गया है।
शहर को मिलेगी यातायात जाम से राहत
अधिकारियों का मानना है कि नया बस स्टैंड बनने के बाद अलवर शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार आएगा। वर्तमान बस स्टैंड शहर के अंदर स्थित होने के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनती है और यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है। नए बस स्टैंड के संचालन से बसों का दबाव शहर के मुख्य मार्गों से कम होगा और आवागमन अधिक सुगम बनेगा। साथ ही यात्रियों को आधुनिक प्रतीक्षालय, पार्किंग, खानपान और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
जल्द शुरू होगी एजेंसी चयन प्रक्रिया
परिवहन निगम अब परियोजना के लिए निजी एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार इसी माह टेंडर और चयन प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा सकता है। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होने का रास्ता साफ हो जाएगा। लंबे समय से नए बस स्टैंड की प्रतीक्षा कर रहे अलवरवासियों को उम्मीद है कि यह परियोजना जल्द धरातल पर उतरेगी और शहर को एक आधुनिक परिवहन केंद्र मिलेगा।