Alwar News: अमित शाह के दौरे से पहले अलवर में ड्रोन पर पाबंदी, बना नो-ड्रोन जोन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित 16 अगस्त के अलवर दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सुरक्षा के मद्देनजर अलवर जिला मुख्यालय क्षेत्र को रेड जोन यानी नो-ड्रोन जोन घोषित किया गया है। पुलिस के अनुसार 14 अगस्त की मध्यरात्रि से 17 अगस्त दोपहर 12 बजे तक बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। अमित शाह के हवाई मार्ग से अलवर पहुंचने के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था, कार्यक्रम स्थल, यातायात और पार्किंग को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं।
14 अगस्त की रात से लागू होगी ड्रोन पर पाबंदी
पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी के अनुसार सुरक्षा कारणों से अलवर जिला मुख्यालय क्षेत्र में नो-ड्रोन जोन लागू किया गया है। यह व्यवस्था 14 अगस्त की मध्यरात्रि से 17 अगस्त दोपहर 12 बजे तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान निर्धारित क्षेत्र में बिना सक्षम अनुमति के ड्रोन उड़ाने पर रोक रहेगी। प्रशासन का यह कदम गृह मंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और प्रतिबंधित अवधि में ड्रोन या अन्य उड़ने वाले उपकरणों का इस्तेमाल बिना अनुमति न करें।
अमित शाह के दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था सख्त
अमित शाह के अलवर दौरे को लेकर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। अधिकारियों की ओर से कार्यक्रम के दौरान भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं। शहर में आने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए पार्किंग और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस का फोकस कार्यक्रम स्थल के साथ-साथ शहर के प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा पर भी रहेगा।
अलवर को मिल सकती है करोड़ों के विकास कार्यों की सौगात
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार अमित शाह 16 अगस्त को राजस्थान को करीब 14 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दे सकते हैं। उनके दौरे को लेकर अलवर में प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। अलवर में करीब तीन लाख लीटर क्षमता वाले सरस डेयरी प्लांट के शिलान्यास का कार्यक्रम प्रस्तावित बताया गया है। इसके अलावा अलवर जिले के लिए करीब 700 करोड़ रुपये के विकास कार्यों से जुड़े कार्यक्रम होने की जानकारी सामने आई है। इन परियोजनाओं को स्थानीय विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज का नाम अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर करने की तैयारी
अमित शाह के प्रस्तावित दौरे के दौरान अलवर शहर स्थित मेडिकल कॉलेज का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर करने की घोषणा भी प्रस्तावित बताई गई है। यदि यह घोषणा होती है तो यह अलवर के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक और राजनीतिक निर्णय होगा। इसके साथ ही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े संस्थान को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। प्रशासन की ओर से कार्यक्रम से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। हालांकि प्रस्तावित घोषणाओं की आधिकारिक पुष्टि कार्यक्रम के दौरान ही स्पष्ट होगी।
कोटपूतली-बहरोड़ और खैरथल-तिजारा को भी विकास कार्यों की सौगात
अमित शाह के दौरे के दौरान अलवर के साथ आसपास के जिलों से जुड़े विकास कार्यों को भी गति मिलने की संभावना है। जानकारी के अनुसार कोटपूतली-बहरोड़ और खैरथल-तिजारा जिलों से जुड़े करीब 1100 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शुभारंभ प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और अन्य विकास गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। गृह मंत्री के दौरे को देखते हुए प्रशासन इन कार्यक्रमों की तैयारियों में जुटा है। कार्यक्रम स्थल और आसपास सुरक्षा के साथ-साथ वीआईपी मूवमेंट को लेकर भी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
नो-ड्रोन आदेश के उल्लंघन पर पुलिस की नजर
सुरक्षा के लिहाज से नो-ड्रोन जोन को गंभीरता से लिया जा रहा है। प्रतिबंधित अवधि में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने वालों पर पुलिस की नजर रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य किसी भी संभावित सुरक्षा जोखिम को पहले ही रोकना है। गृह मंत्री के दौरे के दौरान हवाई मार्ग और कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा महत्वपूर्ण होगी, इसलिए ड्रोन जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। पुलिस ने नागरिकों और ड्रोन संचालकों से आदेश का पालन करने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करने को कहा गया है।
16 अगस्त को अलवर दौरे पर रहेगी सभी की नजर
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित अलवर दौरे को लेकर जिले में राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज हैं। एक ओर विकास परियोजनाओं के शुभारंभ और संभावित घोषणाओं को लेकर लोगों की नजर कार्यक्रम पर है, वहीं दूसरी ओर पुलिस सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है। 14 अगस्त की मध्यरात्रि से लागू नो-ड्रोन व्यवस्था इसी सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है। अब 16 अगस्त के कार्यक्रम के दौरान अमित शाह की ओर से होने वाली संभावित घोषणाओं और विकास परियोजनाओं के शुभारंभ पर अलवर सहित आसपास के जिलों की नजर रहेगी।