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जोधपुर केमिकल फैक्ट्री अग्निकांड: तीसरे दमकलकर्मी प्रदीप की मौत, अब तक 3 ने गंवाई जान

जोधपुर के बासनी स्थित केमिकल फैक्ट्री अग्निकांड में गंभीर रूप से झुलसे तीसरे दमकलकर्मी प्रदीप की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे पहले फायर फाइटर प्रीतेश और सुरेंद्र की जान जा चुकी है। तीनों दमकलकर्मी आग बुझाने के दौरान हुए केमिकल ड्रम ब्लास्ट की चपेट में आए थे। हादसे में कुल 14 फायरकर्मी घायल हुए थे, जिनमें कई गंभीर रूप से झुलसे थे।

प्रदीप ने इलाज के दौरान दम तोड़ा

महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती दमकलकर्मी प्रदीप की हालत हादसे के बाद से गंभीर बनी हुई थी। वह करीब 70 प्रतिशत से अधिक झुलसे थे और वेंटिलेटर पर उनका इलाज चल रहा था।सोमवार दोपहर करीब 3:30 बजे प्रदीप ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उनकी मौत की पुष्टि अस्पताल प्रशासन की ओर से की गई। इसके साथ ही इस हादसे में जान गंवाने वाले फायर फाइटर्स की संख्या तीन हो गई है।

सुरेंद्र की भी सोमवार को मौत

इसी हादसे में गंभीर रूप से झुलसे फायर फाइटर सुरेंद्र (22) की भी सोमवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। अस्पताल के अनुसार वह करीब 60 प्रतिशत झुलसे थे और वेंटिलेटर पर भर्ती थे।डॉक्टरों की टीम ने उनकी हालत पर लगातार निगरानी रखी, लेकिन उपचार के दौरान उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इससे पहले 26 सितंबर को फायर फाइटर प्रीतेश की मौत हुई थी।

प्रीतेश की मौत के बाद बढ़ता गया मृतकों का आंकड़ा

23 सितंबर को बासनी की फैक्ट्री में आग बुझाने के दौरान केमिकल ड्रमों में धमाके हुए थे। इस दौरान कई दमकलकर्मी गंभीर रूप से झुलस गए थे।हादसे के बाद घायल फायर फाइटर्स को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल कर्मचारियों में प्रीतेश की 26 सितंबर को इलाज के दौरान मौत हुई। अब सुरेंद्र और प्रदीप की मौत के बाद मृतक फायरकर्मियों की संख्या तीन हो गई है।

23 सितंबर को लगी थी फैक्ट्री में भीषण आग

जोधपुर के बासनी स्थित गणेश नगर श्रमिक कॉलोनी की हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में 23 सितंबर की शाम करीब 5:30 बजे आग लगी थी। आग की सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।करीब 35 फायरकर्मियों की टीम आग बुझाने के अभियान में जुटी थी। फैक्ट्री के अंदर ज्वलनशील केमिकल से भरे ड्रम रखे होने की जानकारी सामने आई थी। आग की वजह से इन ड्रमों में लगातार धमाके हुए, जिससे फायर फाइटर्स इसकी चपेट में आ गए।

केमिकल ड्रम में धमाके से झुलसे थे फायर फाइटर्स

फायर ऑपरेशन के दौरान फैक्ट्री की छत से एक पत्थर केमिकल से भरे ड्रम पर गिरने की जानकारी सामने आई। इसके बाद जोरदार ब्लास्ट हुआ और आसपास मौजूद फायरकर्मी इसकी चपेट में आ गए।हादसे में कुल 14 दमकल विभाग के कर्मचारी घायल हुए थे। इनमें आठ कर्मचारी 50 प्रतिशत से अधिक झुलसे बताए गए थे। शुरुआती उपचार के बाद गंभीर घायलों को महात्मा गांधी अस्पताल रेफर किया गया था।

छह गंभीर घायलों को ग्रीन कॉरिडोर से जयपुर भेजा गया

हादसे के बाद छह गंभीर रूप से घायल फायर फाइटर्स को बेहतर इलाज के लिए जोधपुर से जयपुर भेजा गया था। उनके लिए करीब 350 किलोमीटर का ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।एंबुलेंस के जरिए घायल दमकलकर्मियों को जयपुर के एसएमएस अस्पताल पहुंचाया गया। शुरुआती रिपोर्टों में कुछ घायलों की हालत बेहद गंभीर बताई गई थी।

एयरफोर्स की फायर ब्रिगेड को भी बुलाना पड़ा

फैक्ट्री में आग की स्थिति लगातार गंभीर बनी रही। देर रात करीब 11 बजे के बाद एयरफोर्स की फायर ब्रिगेड टीम को भी आग बुझाने के लिए मौके पर बुलाया गया।24 सितंबर सुबह करीब 5 बजे आग पर काबू पाने की जानकारी दी गई। हालांकि करीब दो घंटे बाद सुबह 7 बजे आग दोबारा भड़क उठी। इसके बाद दमकल टीमों ने फिर कार्रवाई कर आग को नियंत्रित किया।

जयपुर और जोधपुर में घायलों का इलाज जारी

हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल फायर फाइटर्स को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती छह मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है।वहीं महात्मा गांधी अस्पताल में प्रवीण, कुणाल, दुर्गेश और विनय समेत अन्य घायल फायर फाइटर्स का इलाज जारी है। अस्पताल प्रशासन की ओर से घायलों की लगातार निगरानी की जा रही है।

मृतकों के परिवार को 20 लाख और घायलों को 5 लाख

हादसे के बाद राज्य सरकार ने मृतक और घायल फायर फाइटर्स के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है।जिला कलेक्टर आलोक रंजन के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले फायर फाइटर के परिवार को 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने की बात कही गई है।घायल फायर फाइटर्स को 5-5 लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा की गई है। यदि कोई घायल कर्मचारी इलाज के बाद काम पर लौटने की स्थिति में नहीं रहता है, तो उसके परिवार के एक सदस्य को भी संविदा पर नौकरी देने का प्रावधान बताया गया है।

फैक्ट्री में ज्वलनशील केमिकल रखने की जांच

हादसे के बाद फैक्ट्री में ज्वलनशील केमिकल के भंडारण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी जांच शुरू हुई है। अधिकारियों के अनुसार फैक्ट्री में केमिकल और थिनर का इस्तेमाल किया जा रहा था।पुलिस और प्रशासन यह भी जांच कर रहे हैं कि परिसर में ऐसे ज्वलनशील पदार्थों के भंडारण की अनुमति थी या नहीं। फैक्ट्री के संचालन और सुरक्षा मानकों से जुड़े पहलुओं की जांच भी की जा रही है।

तीन दमकलकर्मियों की मौत ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

जोधपुर फैक्ट्री अग्निकांड में अब तक तीन फायर फाइटर्स की मौत हो चुकी है। कई अन्य घायल अभी भी उपचाराधीन हैं।यह हादसा फायरकर्मियों के लिए सुरक्षा उपकरण, ज्वलनशील केमिकल के भंडारण और औद्योगिक इकाइयों में आपातकालीन व्यवस्था की गंभीरता को सामने लाता है। जांच पूरी होने के बाद हादसे की जिम्मेदारी और सुरक्षा मानकों से जुड़े सवालों पर स्थिति और स्पष्ट होगी।

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