Alwar NCR: डीजल ऑटो पर बड़ा फैसला, 1 जनवरी 2027 से पूरी तरह बैन; 583 ऑटो मालिकों को नोटिस
अलवर NCR क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए परिवहन विभाग ने डीजल ऑटो रिक्शा को लेकर बड़ा आदेश जारी किया है। 1 जनवरी 2027 से NCR क्षेत्र में डीजल ऑटो का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों के तहत पुराने डीजल ऑटो को 31 दिसंबर 2026 तक प्रचलन से बाहर करना होगा। अलवर में वर्तमान में 583 डीजल ऑटो पंजीकृत हैं। परिवहन विभाग ने इनके मालिकों को नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है। इसके बाद NCR क्षेत्र में केवल CNG और इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा संचालित किए जा सकेंगे।
1 जनवरी 2027 से डीजल ऑटो पर पूरी तरह रोक
अलवर NCR क्षेत्र में प्रदूषण कम करने के लिए डीजल से चलने वाले ऑटो रिक्शा को चरणबद्ध तरीके से हटाया जा रहा है। परिवहन विभाग के अनुसार 31 दिसंबर 2026 तक डीजल ऑटो को प्रचलन से बाहर करना होगा।इसके बाद यानी 1 जनवरी 2027 से NCR क्षेत्र में डीजल ऑटो का संचालन प्रतिबंधित रहेगा। नए नियम के तहत ऑटो संचालकों को वैकल्पिक ईंधन वाले वाहनों की ओर जाना होगा।
अलवर में 583 डीजल ऑटो पंजीकृत
प्रादेशिक परिवहन कार्यालय अलवर के क्षेत्राधिकार में फिलहाल 583 डीजल ऑटो रिक्शा पंजीकृत हैं।परिवहन विभाग इन वाहनों के मालिकों को नोटिस जारी कर रहा है। वाहन मालिकों को समय सीमा के भीतर डीजल ऑटो को CNG या इलेक्ट्रिक वाहन में बदलने या निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपग्रेड करने की जानकारी दी जा रही है।
मंडी मोड़ ऑटो स्टैंड पर पहुंचा परिवहन विभाग
नए नियमों की जानकारी देने के लिए परिवहन विभाग की टीम मंगलवार को अलवर के मंडी मोड़ स्थित ऑटो स्टैंड पहुंची।अधिकारियों ने ऑटो संचालकों को NCR में लागू होने वाले नए प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही उन्हें समय सीमा से पहले अपने वाहनों को बदलने के लिए कहा गया।विभाग ने स्पष्ट किया कि 31 दिसंबर के बाद डीजल ऑटो के संचालन की अनुमति नहीं होगी।
1 जनवरी से डीजल ऑटो मिला तो होगी कार्रवाई
परिवहन विभाग ने ऑटो संचालकों को चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा के बाद नियमों का उल्लंघन करने पर प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी।यदि 1 जनवरी 2027 से NCR क्षेत्र में डीजल ऑटो संचालित मिला, तो संबंधित वाहन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।इसलिए विभाग ने वाहन मालिकों से समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था करने की अपील की है।
CNG और इलेक्ट्रिक ऑटो को मिलेगा बढ़ावा
नए नियम लागू होने के बाद NCR क्षेत्र में डीजल ऑटो की जगह CNG और इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा संचालित किए जा सकेंगे।इस बदलाव का उद्देश्य प्रदूषण फैलाने वाले पुराने डीजल वाहनों को धीरे-धीरे सड़क से हटाना है। साथ ही कम प्रदूषण वाले ईंधन और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना भी इसका हिस्सा है।
2023 से नए डीजल ऑटो का पंजीयन बंद
परिवहन विभाग के अनुसार NCR में नए डीजल ऑटो के पंजीयन पर पहले ही रोक लगाई जा चुकी है।विभाग ने बताया कि यह कार्रवाई वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देश संख्या 70, दिनांक 30 नवंबर 2022 के तहत की जा रही है।आयोग के निर्देशों के अनुसार NCR में 1 जनवरी 2023 से नए डीजल ऑटो का पंजीयन प्रतिबंधित किया गया था। अब पुराने डीजल ऑटो को भी चरणबद्ध तरीके से हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
ऑटो चालकों के सामने अब वाहन बदलने की चुनौती
अलवर में 583 डीजल ऑटो पंजीकृत होने के कारण इस फैसले का सीधा असर ऑटो संचालकों पर पड़ेगा।वाहन मालिकों को तय समय सीमा के भीतर CNG या इलेक्ट्रिक विकल्प अपनाना होगा। इसके लिए उन्हें वाहन बदलने या संबंधित नियमों के अनुसार वैकल्पिक व्यवस्था करने की तैयारी करनी होगी।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाया गया कदम
परिवहन विभाग के अनुसार डीजल ऑटो को NCR से बाहर करने का उद्देश्य वायु गुणवत्ता में सुधार लाना है।अलवर NCR क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों के तहत पुराने डीजल वाहनों को हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। अब विभाग की नजर 31 दिसंबर 2026 की समय सीमा तक सभी संबंधित वाहनों को प्रचलन से बाहर करने पर रहेगी।