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अलवर पंचायत चुनाव: नांगल करना के ग्रामीणों ने परिसीमन के विरोध में किया मतदान बहिष्कार

अलवर। राजस्थान के अलवर जिले के राजगढ़ पंचायत समिति क्षेत्र के नांगल करना गांव में पंचायत परिसीमन को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव को ग्राम पंचायत बलदेवगढ़ से हटाकर श्यालुता में शामिल कर दिया गया है। इस फैसले के विरोध में कुछ ग्रामीणों ने पंच-सरपंच चुनाव में मतदान नहीं किया। ग्रामीणों की मांग है कि नांगल करना को दोबारा बलदेवगढ़ ग्राम पंचायत में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांग पर विचार नहीं होता, विरोध जारी रहेगा।

बलदेवगढ़ से हटाकर श्यालुता में शामिल करने पर नाराजगी

राजगढ़ पंचायत समिति क्षेत्र के नांगल करना गांव में पंचायत परिसीमन को लेकर असंतोष है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले उनका गांव बलदेवगढ़ ग्राम पंचायत में शामिल था, लेकिन नए परिसीमन के दौरान इसे हटाकर श्यालुता ग्राम पंचायत में जोड़ दिया गया।ग्रामीण इस बदलाव को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि गांव को पहले की तरह बलदेवगढ़ पंचायत में ही रखा जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर उन्होंने चुनाव के दौरान विरोध जताया और मतदान से दूरी बनाई।

मतदान के दिन ग्रामीणों ने नहीं डाले वोट

पंच-सरपंच चुनाव के दौरान नांगल करना गांव के कुछ ग्रामीणों ने मतदान नहीं करने का फैसला किया। उनका विरोध परिसीमन में किए गए बदलाव को लेकर था।ग्रामीणों के मुताबिक, वे अपनी आपत्ति पहले भी जता चुके हैं। लेकिन मांग पर विचार नहीं होने के कारण उन्होंने मतदान का बहिष्कार कर विरोध दर्ज कराया। हालांकि, गांव में कुल कितने मतदाताओं ने मतदान नहीं किया और मतदान प्रतिशत पर इसका कितना असर पड़ा, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।

लल्लूराम सहित ग्रामीणों ने रखी अपनी मांग

ग्रामीण लल्लूराम, रामकरण, घासीराम, रामफूल, जनसीराम और प्रह्लाद ने बताया कि नांगल करना को बलदेवगढ़ ग्राम पंचायत में ही रखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि परिसीमन में बदलाव से गांव के लोगों की पुरानी व्यवस्था प्रभावित हुई है।ग्रामीणों ने प्रशासन से उनकी मांग पर विचार करने की अपील की है। उनका कहना है कि गांव को दोबारा बलदेवगढ़ में शामिल करने की मांग पूरी होने तक नाराजगी बनी रहेगी।

परिसीमन के फैसले पर प्रशासन से जवाब का इंतजार

पंचायत परिसीमन के दौरान गांवों को अलग-अलग ग्राम पंचायतों में शामिल करने का निर्णय प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत लिया जाता है। ऐसे बदलावों पर ग्रामीणों की आपत्तियां और स्थानीय परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण होती हैं।नांगल करना के ग्रामीणों की मांग और परिसीमन से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

पंचायत चुनाव में स्थानीय मुद्दों का असर

नांगल करना में मतदान बहिष्कार की घटना ने पंचायत चुनाव में स्थानीय प्रशासनिक फैसलों के महत्व को सामने रखा है। ग्रामीणों के लिए ग्राम पंचायत का मुख्यालय, दूरी और स्थानीय कामकाज से जुड़ी सुविधाएं अहम मुद्दे हो सकते हैं।अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की प्रतिक्रिया पर है। यह देखना होगा कि परिसीमन से जुड़ी उनकी आपत्ति पर संबंधित अधिकारी क्या निर्णय लेते हैं और गांव को लेकर आगे क्या व्यवस्था तय होती है।


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Stv News Rajasthan

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