अलवर में 180 विद्यार्थियों को सिखाए जीवन बचाने के तरीके, CPR और प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण
अलवर। आपातकालीन परिस्थितियों में किसी की जान बचाने के लिए समय पर प्राथमिक सहायता और सही जानकारी बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसी उद्देश्य से डॉ. गोपाल राय चौधरी चैरिटेबल ट्रस्ट, अलवर की ओर से प्राथमिक चिकित्सा और सीपीआर (CPR-BLS) प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम के पहले सत्र में चिनार पब्लिक स्कूल के 180 विद्यार्थियों और 10 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। वहीं, दूसरे सत्र में अलवर के गायत्री मंदिर में भी विद्यार्थियों और अन्य सदस्यों को जीवनरक्षक तकनीकों की जानकारी दी गई।
चिनार पब्लिक स्कूल में 180 विद्यार्थियों को दिया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण शिविर का पहला सत्र चिनार पब्लिक स्कूल में आयोजित किया गया। यहां कक्षा के विद्यार्थियों के साथ 10 शिक्षकों को प्राथमिक चिकित्सा और सीपीआर का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व विद्यालय की प्राचार्या रचना ने किया।प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को दुर्घटना, अचानक हृदय गति रुकने और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल सहायता देने के तरीके समझाए गए। इसका उद्देश्य बच्चों को केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर प्राथमिक सहायता देने के लिए तैयार करना भी था।
मैनिकिन पर विद्यार्थियों ने किया CPR का अभ्यास
शिविर में विशेष प्रशिक्षण पुतलों यानी मैनिकिन का इस्तेमाल किया गया। इनके माध्यम से विद्यार्थियों को सीपीआर की प्रक्रिया समझाई गई और स्वयं अभ्यास करने का अवसर मिला।प्रशिक्षकों ने बताया कि अचानक हृदय गति रुकने जैसी स्थिति में समय पर सही कदम उठाना महत्वपूर्ण हो सकता है। ऐसे में सीपीआर की बुनियादी जानकारी आपातकालीन सहायता मिलने तक उपयोगी साबित हो सकती है।
गायत्री मंदिर में भी आयोजित हुआ प्रशिक्षण सत्र
कार्यक्रम का दूसरा सत्र अलवर के गायत्री मंदिर में आयोजित किया गया। यहां डॉ. सरोज गुप्ता के नेतृत्व में विद्यार्थियों और अन्य सदस्यों को सीपीआर तथा बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) का प्रशिक्षण दिया गया।इस सत्र में भी आपातकालीन स्थिति में शुरुआती सहायता, सतर्कता और सही प्रक्रिया अपनाने के महत्व पर जानकारी दी गई। दोनों सत्रों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को जीवनरक्षक कौशल से परिचित कराने का प्रयास किया गया।
अनुभवी प्रशिक्षकों ने समझाईं जीवनरक्षक तकनीकें
दोनों प्रशिक्षण सत्रों में अनुभवी प्रशिक्षक विशाल कांत त्रिवेदी और बृजेश गुप्ता ने प्रतिभागियों को सरल और व्यावहारिक तरीके से प्रशिक्षण दिया।उन्होंने बताया कि दुर्घटना या अचानक स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में समय पर दी गई सही सहायता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। प्राथमिक चिकित्सा और सीपीआर की जानकारी होने से लोग आपातकालीन सेवाओं के पहुंचने तक जरूरी कदम उठा सकते हैं।
समाज में जीवनरक्षक कौशल के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास
डॉ. गोपाल राय चौधरी चैरिटेबल ट्रस्ट का उद्देश्य आमजन, खासकर विद्यार्थियों को आपातकालीन परिस्थितियों में मदद करने के लिए जागरूक और सक्षम बनाना है।ट्रस्ट की ओर से भविष्य में भी इस तरह के जनहितकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। इन प्रयासों के जरिए अधिक से अधिक लोगों तक प्राथमिक चिकित्सा और सीपीआर की जानकारी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
स्कूलों में ऐसे प्रशिक्षण की अहमियत
विद्यालयों में प्राथमिक चिकित्सा और सीपीआर जैसे प्रशिक्षण विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हो सकते हैं। इससे वे दुर्घटना या किसी अचानक स्वास्थ्य आपात स्थिति में घबराने के बजाय सही सहायता लेने और प्रशिक्षित तरीके से शुरुआती मदद करने का महत्व समझ सकते हैं।अलवर में आयोजित इस शिविर में 180 विद्यार्थियों और 10 शिक्षकों की भागीदारी रही। ट्रस्ट की पहल ने स्कूलों और सामाजिक संस्थाओं में जीवनरक्षक प्रशिक्षण की जरूरत को भी सामने रखा।