भिवाड़ी में संदिग्ध नीम कोटेड यूरिया से भरा मिनी ट्रक पकड़ा, 300 बैग जब्त
खैरथल-तिजारा। भिवाड़ी फेज तृतीय थाना पुलिस ने अवैध रूप से परिवहन किए जा रहे संदिग्ध नीम कोटेड यूरिया से भरे मिनी ट्रक को पकड़ा है। वाहन की जांच के दौरान बिना मार्का वाले 300 बैग मिले। इनका कुल वजन करीब 13.18 मीट्रिक टन बताया गया है। सूचना मिलने के बाद कृषि विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और उर्वरक के नमूने लेकर जांच की प्रक्रिया शुरू की।
सूचना पर मौके पर पहुंची कृषि विभाग की टीम
मिनी ट्रक पकड़े जाने की सूचना मिलने पर सहायक निदेशक कृषि किशनगढ़बास विश्राम मीणा, कृषि अधिकारी अंकित कुमार और विष्णु चौधरी, उर्वरक निरीक्षक तथा कृषि अधिकारी पूरण यादव मौके पर पहुंचे।कृषि विभाग की टीम ने वाहन और उसमें रखे उर्वरक की जांच की। अधिकारियों ने उर्वरक के संबंध में उपलब्ध दस्तावेजों की भी जानकारी जुटाई।
बिना मार्का के मिले 300 बैग
जांच के दौरान मिनी ट्रक में नीम कोटेड यूरिया के 300 बैग मिले। अधिकारियों के अनुसार इन बैग पर कोई स्पष्ट मार्का नहीं था। उर्वरक की कुल मात्रा करीब 13.18 मीट्रिक टन बताई गई है।कृषि विभाग ने उर्वरक की गुणवत्ता और उसके स्रोत की जांच के लिए नमूने लिए हैं। जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जब्त सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं।
चालक मौके से फरार, दस्तावेज भी नहीं मिले
थानाधिकारी विक्रम सिंह के अनुसार वाहन चालक कार्रवाई के दौरान मौके से फरार हो गया। पुलिस और कृषि विभाग की टीम को उर्वरक से संबंधित आवश्यक दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए।अब पुलिस वाहन के मालिक और फरार चालक के बारे में जानकारी जुटा रही है। साथ ही उर्वरक कहां से लाया गया था और इसे कहां पहुंचाया जाना था, इसकी भी जांच की जा रही है।
कृषि विभाग ने लिए यूरिया के नमूने
मामले में कृषि विभाग की टीम ने संदिग्ध उर्वरक के नमूने लिए। इसके बाद आवश्यक दस्तावेज तैयार कर 300 बैग की जब्ती की कार्रवाई पूरी की गई।जब्त उर्वरक को सुरक्षित रखने के लिए ग्राम सेवा सहकारी समिति ततारपुर की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है। नमूनों की जांच के बाद उर्वरक की वास्तविक गुणवत्ता और वैधता को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
मिनी ट्रक भी जब्त
कृषि विभाग की कार्रवाई के साथ पुलिस ने मिनी ट्रक को भी जब्त कर लिया। वाहन संख्या 1268 को थानाधिकारी विक्रम सिंह की सुपुर्दगी में दिया गया है।फिलहाल पुलिस और कृषि विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। जांच में उर्वरक के स्रोत, परिवहन से जुड़े दस्तावेज और वाहन चालक तथा मालिक की भूमिका सामने आने की उम्मीद है।