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अलवर में वाणिज्यिक कर विभाग की दो फर्मों पर कार्रवाई, 42 लाख की संभावित कर देयता

इंट्रो:
अलवर में कर अपवंचना और अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से जुड़े मामलों को लेकर वाणिज्यिक कर विभाग की प्रवर्तन टीम ने दो प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। विभागीय जांच में दोनों मामलों में करीब 42 लाख रुपए की संभावित कर देयता सामने आई है। इनमें एक तेल कारोबारी के प्रतिष्ठान पर करीब 30 लाख रुपए और दूसरी प्रोडक्ट निर्माता फर्म के मामले में करीब 12 लाख रुपए की संभावित देयता निर्धारित की गई। कार्रवाई के दौरान दूसरी फर्म ने 10 लाख रुपए स्वैच्छिक रूप से जमा कराए। विभाग ने दोनों मामलों में दस्तावेज और स्टॉक की जांच करते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

तेल कारोबारी के प्रतिष्ठान पर 30 लाख की संभावित देयता

विभाग के अनुसार अलवर स्थित एक तेल कारोबारी के प्रतिष्ठान का 2 सितंबर को निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान करीब 30 लाख रुपए की संभावित कर देयता सामने आई। यह मामला 15 अगस्त को प्रतिष्ठान में हुई आग की घटना के दौरान स्टॉक और उससे जुड़े ITC के नुकसान से संबंधित बताया गया है। विभाग की टीम ने मौके पर उपलब्ध रिकॉर्ड और स्टॉक से जुड़े तथ्यों की जांच की।

आग की घटना और स्टॉक को लेकर हुई जांच

जांच के दौरान विभाग को यह भी जानकारी मिली कि प्रतिष्ठान में एक अन्य कंपनी के लिए सरसों तेल की पैकिंग का जॉबवर्क किया जाता है। आग लगने के समय परिसर में जो स्टॉक मौजूद था, उसे इसी फर्म से संबंधित बताया गया। टीम ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में मौके का पंचनामा तैयार किया। अब विभाग संबंधित दस्तावेजों और लेखा पुस्तकों की जांच के जरिए वास्तविक कर देयता निर्धारित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है।

11 सितंबर को दस्तावेजों के साथ बुलाया गया

वाणिज्यिक कर विभाग की टीम ने मामले से जुड़े जरूरी दस्तावेज और लेखा पुस्तकों की जांच के लिए करदाता को विभाग के समक्ष उपस्थित होने का समन जारी किया है। संबंधित करदाता को 11 सितंबर को जरूरी रिकॉर्ड के साथ उपस्थित होना होगा। विभाग इस दौरान स्टॉक, खरीद-बिक्री, जॉबवर्क और ITC से संबंधित दस्तावेजों का मिलान कर सकता है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में वास्तविक देयता और आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

दूसरी फर्म पर 12 लाख की संभावित देयता

इसी तरह विभाग की एक अन्य प्रवर्तन टीम ने 1 सितंबर को दूसरी फर्म के प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया। जांच के दौरान ब्लॉक ITC का दावा किए जाने की संभावना सामने आई। विभाग ने इस मामले में करीब 12 लाख रुपए की संभावित कर देयता निर्धारित की। कार्रवाई के दौरान फर्म की ओर से 10 लाख रुपए की राशि स्वैच्छिक रूप से जमा कराई गई। टीम ने प्रतिष्ठान में मौजूद स्टॉक का भौतिक सत्यापन भी किया।

दो मामलों में 42 लाख की संभावित देयता

दोनों प्रतिष्ठानों की कार्रवाई को मिलाकर विभाग के अनुसार करीब 42 लाख रुपए की संभावित कर देयता सामने आई है। इनमें पहले मामले में लगभग 30 लाख और दूसरे मामले में लगभग 12 लाख रुपए की संभावित देयता शामिल है। दूसरे मामले में फर्म की ओर से 10 लाख रुपए स्वैच्छिक रूप से जमा किए जाने की बात विभाग ने बताई है। बाकी राशि और वास्तविक देयता जांच पूरी होने के बाद निर्धारित होगी।

जयपुर समेत चार जिलों में भी कार्रवाई

वाणिज्यिक कर विभाग की प्रवर्तन टीमों ने अलवर के अलावा जयपुर, सवाई माधोपुर और डीडवाना-कुचामन में भी अलग-अलग प्रतिष्ठानों की जांच की। विभाग के अनुसार इन कार्रवाई में ट्रैवल्स एंड कार्गो, तेल कारोबार, स्टोन क्रशर और टिम्बर कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठान शामिल रहे। अलग-अलग मामलों में रिकॉर्ड, स्टॉक और कर से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई।

राज्यभर की कार्रवाई में 1.93 करोड़ की संभावित देयता

विभाग के मुताबिक हालिया प्रवर्तन कार्रवाइयों में कुल मिलाकर करीब 1.93 करोड़ रुपए की संभावित कर देयता सामने आई है। संबंधित मामलों में करदाताओं की ओर से 1.74 करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वैच्छिक रूप से जमा या रिवर्स किए जाने की जानकारी दी गई है। कुछ मामलों में जरूरी दस्तावेज और रिकॉर्ड भी जब्त किए गए हैं। विभाग का कहना है कि कर अपवंचना और गलत तरीके से लिए जा रहे ITC पर रोक लगाने के लिए प्रवर्तन कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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Stv News Rajasthan

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