अलवर में SBI का लोगो लगा बैग थमाकर 24 हजार की ठगी, बुक स्टोर कर्मचारी को बनाया निशाना
अलवर शहर में एक शातिर ठग ने शर्मा बुक स्टोर के कर्मचारी संजीव कुमार से 24 हजार रुपये ठग लिए। आरोपी ने खुद को सोलंकी अस्पताल से डॉक्टर द्वारा भेजा गया व्यक्ति बताया और खुले नोटों की मांग की। कर्मचारी रुपये लेकर अस्पताल पहुंचा, जहां आरोपी ने उसे भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का लोगो लगा जूट का बैग थमा दिया। दो मिनट में लौटने का झांसा देकर आरोपी रुपये लेकर फरार हो गया। बैग की जांच करने पर ठगी का पता चला। घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आरोपी की तलाश की जा रही है।
डॉक्टर का नाम लेकर कर्मचारी का जीता भरोसा
अलवर के शर्मा बुक स्टोर पर एक अज्ञात व्यक्ति पहुंचा। उसने कर्मचारी संजीव कुमार से कहा कि उसे सोलंकी अस्पताल के लिए खुले नोटों की जरूरत है। आरोपी ने 10-10 रुपये के 10 बंडल और 20-20 रुपये के चार बंडल मांगे। उसने खुद को डॉक्टर की ओर से भेजा गया व्यक्ति बताया।संजीव कुमार पिछले करीब 30 वर्षों से बुक स्टोर पर काम कर रहे हैं। आरोपी की बातों पर भरोसा करके उन्होंने 24 हजार रुपये के खुले नोटों की व्यवस्था की। इसके बाद वह रुपये लेकर सोलंकी अस्पताल के बाहर पहुंच गए। यहीं आरोपी ने ठगी की वारदात को अंजाम दिया।
SBI का लोगो लगा जूट का बैग थमाया
अस्पताल के बाहर आरोपी ने संजीव कुमार को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का लोगो लगा जूट का बैग दिया। उसने कर्मचारी से कहा कि बैग में 24 हजार रुपये रखे हैं। इसके बाद आरोपी ने दो मिनट में वापस आने की बात कही और वहां से चला गया।काफी देर तक आरोपी वापस नहीं लौटा तो संजीव कुमार को शक हुआ। उन्होंने बैग की जांच की, जिसके बाद ठगी का पता चला। आरोपी खुले नोट लेकर फरार हो चुका था। इस तरह कर्मचारी को 24 हजार रुपये का नुकसान हो गया।
सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपी की तलाश
घटना सामने आने के बाद शर्मा बुक स्टोर संचालक और कर्मचारियों ने आरोपी की तलाश शुरू की। सोलंकी अस्पताल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले गए। इसके अलावा आसपास के अन्य स्थानों के कैमरों की रिकॉर्डिंग से आरोपी की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है। फिलहाल आरोपी का कोई सुराग मिलने की जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस की मदद से उसकी पहचान और तलाश के प्रयास किए जा रहे हैं।
ठगी के इस तरीके से लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
इस घटना में आरोपी ने डॉक्टर का नाम लेकर भरोसा हासिल किया और बैंक के लोगो वाले बैग का इस्तेमाल कर कर्मचारी को भ्रमित किया। इसके बाद रुपये लेकर फरार हो गया। ऐसे मामलों में किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर नकदी सौंपने से पहले उसकी पहचान और संबंधित संस्थान से जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है।अब मामले में सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान किए जाने की कोशिश है। पुलिस जांच के बाद ही घटना से जुड़े बाकी तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।