अलवर में नकली खाद-बीज बेचने वालों पर कृषि विभाग का शिकंजा, 21 नमूने फेल, 17 लाइसेंस निरस्त
अलवर जिले में किसानों को नकली और घटिया गुणवत्ता वाले खाद, बीज व कृषि रसायनों से बचाने के लिए कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई तेज कर दी है। पिछले डेढ़ वर्ष में विभागीय जांच के दौरान 21 नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके बाद 17 विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त और 9 लाइसेंस निलंबित किए गए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से समझौता करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
विशेष अभियान में लिए गए सैकड़ों नमूने
कृषि विभाग ने जिलेभर में विशेष जांच अभियान चलाकर खाद, बीज और कृषि रसायनों की दुकानों से बड़ी संख्या में नमूने एकत्र किए। संयुक्त निदेशक पी.सी. मीणा के अनुसार इन नमूनों को प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजा गया, जहां गुणवत्ता मानकों के आधार पर परीक्षण किया गया। वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान हुई इस कार्रवाई में कई उत्पाद निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतर पाए। विभाग का कहना है कि किसानों तक गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री पहुंचाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से नियमित निगरानी अभियान चलाए जा रहे हैं।
21 नमूने अमानक मिले, 17 लाइसेंस हुए निरस्त
जांच के दौरान बीज के 476 नमूने लिए गए, जिनमें 6 नमूने अमानक पाए गए। उर्वरक के 202 नमूनों में 11 नमूने गुणवत्ता परीक्षण में असफल रहे, जबकि कृषि दवाओं के 178 नमूनों में 5 नमूने निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। इन मामलों में विभाग ने संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए कुल 17 लाइसेंस निरस्त कर दिए। इनमें उर्वरक के 12, बीज के 3 और कृषि दवाओं के 2 लाइसेंस शामिल हैं। इसके अलावा उर्वरक विक्रेताओं के 9 लाइसेंस निलंबित भी किए गए हैं।
घटिया कृषि सामग्री से किसानों को होता है भारी नुकसान
कृषि विभाग का कहना है कि नकली या घटिया गुणवत्ता वाले बीज, खाद और कीटनाशकों का सीधा असर फसल उत्पादन पर पड़ता है। खराब गुणवत्ता वाले बीजों से अंकुरण कम होता है, जबकि अमानक उर्वरक और दवाओं के कारण फसल की वृद्धि प्रभावित होती है। इससे किसानों की लागत बढ़ती है और उत्पादन घटने से आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। विभाग ने कहा कि ऐसी सामग्री का उपयोग न केवल किसानों की मेहनत पर पानी फेरता है, बल्कि कृषि व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचाता है।
किसानों को दी गई सतर्क रहने की सलाह
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही बीज, उर्वरक और कृषि रसायनों की खरीद करें। खरीद के समय उत्पाद का बैच नंबर, निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट और पैकेजिंग की सावधानीपूर्वक जांच करें। यदि किसी उत्पाद की गुणवत्ता संदिग्ध लगे तो उसकी सूचना तुरंत कृषि विभाग को दें, ताकि समय रहते जांच और कार्रवाई की जा सके।
नकली कारोबारियों के खिलाफ अभियान रहेगा जारी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में नकली खाद, बीज और कृषि दवाओं की बिक्री पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। आने वाले समय में भी दुकानों से नमूने लेकर प्रयोगशाला परीक्षण कराया जाएगा। यदि कोई विक्रेता गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण, निलंबन सहित नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग का उद्देश्य किसानों के हितों की रक्षा करना और उन्हें प्रमाणित एवं गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराना है।
इसे भी पढ़ें- झुंझुनूं में निजी स्कूल संचालकों का शक्ति प्रदर्शन, मांगें नहीं मानीं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी