अलवर में री-नीट परीक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट, 27 केंद्रों पर कड़े सुरक्षा इंतजाम
अलवर जिले में रविवार को आयोजित होने वाली री-नीट परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 27 परीक्षा केंद्रों पर कड़े इंतजाम किए गए हैं। जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला और एसपी सुधीर चौधरी स्वयं पूरे सिस्टम की लगातार निगरानी कर रहे हैं, ताकि परीक्षा निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
उच्च स्तरीय बैठक में तैयारियों की समीक्षा
जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने परीक्षा संचालन, सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की आवाजाही, यातायात प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की। अधिकारियों ने साफ निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी केंद्राधीक्षकों को विशेष सतर्कता बरतने और नकल रोकने के लिए सख्त व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
27 परीक्षा केंद्रों पर सख्त सुरक्षा व्यवस्था
एएसपी दीपक शर्मा के अनुसार जिले में कुल 27 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 17 शहरी और 10 ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं। प्रत्येक केंद्र पर अभ्यर्थियों की संख्या के अनुसार पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके अलावा छह सुपरवाइजरी अधिकारियों की टीम लगातार निगरानी करेगी। मोबाइल टीमें भी लगातार गश्त कर स्थिति पर नजर रखेंगी ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
परीक्षा से पहले सघन नाकाबंदी और जांच अभियान
परीक्षा से एक दिन पहले पूरे शहर में सघन नाकाबंदी और विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। प्रमुख मार्गों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस द्वारा चेकिंग की जाएगी। साथ ही सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी ताकि परीक्षा व्यवस्था में कोई खामी न रहे।
बायोमैट्रिक और फेस रिकॉग्निशन से होगी एंट्री
राजकीय गौरी देवी महिला महाविद्यालय की प्राचार्य मंजू यादव ने बताया कि उनके केंद्र पर करीब 600 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। सभी अभ्यर्थियों को बायोमैट्रिक जांच और फेस रिकॉग्निशन के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। जिलेभर में लगभग 10 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा सुबह 11 बजे से प्रवेश के साथ शुरू होगी, जबकि दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी को प्रवेश नहीं मिलेगा।
दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए विशेष केंद्र
दिव्यांग अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए केन्द्रीय विद्यालय मोती डूंगरी को विशेष परीक्षा केंद्र बनाया गया है। यहां सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं और कड़ी निगरानी व्यवस्था लागू की गई है ताकि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या न आए।
प्रशासन की सख्ती पर टिकी निगाहें
इस बार परीक्षा व्यवस्था को अत्यधिक सख्त बनाया गया है। यहां तक कि अभ्यर्थियों की हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी, जिसमें शौचालय जाने तक का रिकॉर्ड रखा जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलमुक्त बनाना है।
साख का बड़ा इम्तिहान
री-नीट परीक्षा केवल छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र के लिए भी एक बड़ी परीक्षा मानी जा रही है। कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच अब देखना यह होगा कि परीक्षा बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक संपन्न हो पाती है या नहीं।