108 बोरी गेहूं गबन का आरोप, राशन डीलर का लाइसेंस निरस्त, FIR दर्ज
उदयपुर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में कथित अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है। बारापाल तहसील की खजूरी पंचायत में एक राशन डीलर पर करीब 41 क्विंटल (लगभग 108 बोरी) सरकारी गेहूं के गबन का आरोप है। विभागीय जांच में रिकॉर्ड और स्टॉक में अंतर मिलने के बाद राशन डीलर का लाइसेंस निरस्त कर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है।
शिकायत के बाद जांच में सामने आई अनियमितता
जिला रसद विभाग के अनुसार, खजूरी पंचायत के सरपंच की शिकायत मिलने के बाद राशन दुकान की जांच कराई गई। जांच के दौरान पीओएस (POS) मशीन के रिकॉर्ड और मौके पर उपलब्ध गेहूं के स्टॉक का मिलान किया गया। रिकॉर्ड में दुकान पर 163.50 क्विंटल गेहूं दर्ज था, जबकि भौतिक सत्यापन के दौरान 41 क्विंटल गेहूं कम मिला। विभाग ने डीलर से इस अंतर के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मामले को गंभीर अनियमितता मानते हुए कार्रवाई शुरू की गई।
दूसरे वितरण केंद्र पर भी नहीं मिला स्टॉक
जांच के दौरान आरोपी राशन डीलर ने दावा किया कि शेष गेहूं दूसरे वितरण केंद्र पर रखा गया है। इसके बाद विभागीय टीम ने वहां भी निरीक्षण किया, लेकिन दूसरे केंद्र पर भी कथित रूप से पूरा स्टॉक उपलब्ध नहीं मिला। अधिकारियों के अनुसार, वहां केवल लगभग एक क्विंटल गेहूं मिला, जबकि बाकी स्टॉक का कोई पता नहीं चला। दोनों केंद्रों के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के मिलान में बड़ा अंतर सामने आने के बाद विभाग ने मामले को गबन की श्रेणी में मानते हुए आगे की कार्रवाई की।
लाइसेंस निरस्त, सरकारी नुकसान की होगी वसूली
जिला रसद विभाग का कहना है कि कथित रूप से गायब 41 क्विंटल गेहूं की अनुमानित कीमत करीब ₹1.63 लाख है। विभाग ने राशन डीलर भैरूलाल गमेती का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। साथ ही सरकारी खाद्यान्न के कथित गबन की राशि की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की अनियमितता या सरकारी खाद्यान्न के दुरुपयोग को गंभीरता से लिया जाएगा।
एफआईआर दर्ज, पुलिस सभी पहलुओं की जांच में जुटी
विभाग की शिकायत पर संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि सरकारी गेहूं की कमी किन परिस्थितियों में हुई और क्या इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका है। वहीं, जिला रसद विभाग ने कहा है कि भविष्य में भी राशन वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी और निरीक्षण जारी रहेगा, ताकि पात्र लाभार्थियों तक सरकारी खाद्यान्न पारदर्शी तरीके से पहुंच सके।