अलवर में गोल्ड लोन घोटाला: कोतवाली पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार, लाखों की धोखाधड़ी का खुलासा…
अलवर कोतवाली थाना पुलिस ने गोल्ड लोन से जुड़े एक बड़े धोखाधड़ी के मामले में अहम कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में देव प्रताप सिंह चौहान, अभिषेक गुप्ता और सुरेंद्र शामिल हैं। यह मामला 9 दिसंबर को कोतवाली थाने में दर्ज किया गया था, जिसके बाद से पुलिस लगातार गहन जांच में जुटी हुई थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह प्रकरण एक निजी गोल्ड लोन फाइनेंस कंपनी की अलवर स्थित शाखा से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से गोल्ड लोन प्रक्रिया में गड़बड़ी कर कंपनी को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाया। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने ग्राहकों द्वारा गिरवी रखे गए असली सोने के आभूषणों की जगह नकली अथवा कम गुणवत्ता वाले आभूषण रख दिए और फर्जी तरीके से गोल्ड लोन स्वीकृत करवा लिया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से कंपनी के नियमों और प्रक्रियाओं को दरकिनार करते हुए कई खातों में गोल्ड लोन मंजूर कराए। जब कंपनी के आंतरिक ऑडिट के दौरान गड़बड़ी सामने आई, तो प्रबंधन ने इसकी शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज कराई।
मामले की जांच कर रहे एएसआई विजेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि जांच के दौरान दस्तावेजों, सीसीटीवी फुटेज और बैंकिंग रिकॉर्ड की बारीकी से पड़ताल की गई। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर देव प्रताप सिंह चौहान, अभिषेक गुप्ता और सुरेंद्र की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद तीनों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में बड़ी राशि के लेनदेन का खुलासा हुआ है, जिसकी विस्तृत पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह धोखाधड़ी कब से चल रही थी और इसमें और कौन-कौन शामिल है।
फिलहाल तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है, जहां से पुलिस रिमांड की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। कोतवाली थाना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक अपराधों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या मिलीभगत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।