#क्राइम #देश दुनिया #राज्य-शहर #सोशल

मथुरा के निजी अस्पताल पर गंभीर आरोप: सर्जरी के दौरान डेढ़ साल के बच्चे की किडनी निकालने का दावा, 15 लोगों पर FIR….

राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे मथुरा से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। राजस्थान के भरतपुर जिले के एक किसान ने आरोप लगाया है कि उसके डेढ़ साल के बेटे की सर्जरी के दौरान निजी अस्पताल ने बिना जानकारी और सहमति के उसकी एक किडनी निकाल दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों समेत 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है


इलाज के नाम पर परिवार को मिला सदमा

पीड़ित किसान का कहना है कि उसके बेटे के पेट में गांठ की समस्या थी। इलाज के लिए वह मथुरा के केडी हॉस्पिटल एंड मेडिकल कॉलेज पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने सर्जरी की सलाह दी। ऑपरेशन के बाद बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती गई। बाद में जब दूसरे अस्पताल में जांच कराई गई, तो पता चला कि बच्चे की एक किडनी मौजूद ही नहीं है


बिना सहमति के किडनी निकाले जाने का आरोप

परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने सर्जरी से पहले केवल गांठ निकालने की बात कही थी। किसी भी तरह की किडनी निकालने की अनुमति नहीं ली गई। परिजनों का दावा है कि जब उन्होंने अस्पताल प्रशासन से सवाल किए, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।


पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच शुरू

मामले में पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अस्पताल के डायरेक्टर, डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों समेत 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। केस में मानव अंग प्रतिरोपण अधिनियम और अन्य गंभीर धाराओं के तहत जांच की जा रही है।


मेडिकल सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

इस मामले ने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और मरीजों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह गंभीर आपराधिक लापरवाही और अवैध अंग निकासी का मामला बन सकता है।


अस्पताल प्रबंधन की चुप्पी

फिलहाल अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि सभी मेडिकल रिकॉर्ड, सर्जरी से जुड़े दस्तावेज और डॉक्टरों की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।


परिवार को न्याय की उम्मीद

पीड़ित परिवार ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाना जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी और मासूम के साथ ऐसी घटना न हो।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *